अनुशासनहीनता और नियमों के लगातार उल्लंघन के दोषी पाए जाने के बाद आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया है.
करीब 30 बार इसको लेकर पत्र लिख चुके हैं. वह बताते हैं कि उनको जनप्रतिनिधि बने तीन वर्ष हो चुके हैं.
उन्होंने ये भी कहा है कि “सुभाष को छोड़कर अन्य अभियुक्तों के पास से 79 लाख 85 हज़ार 493 रुपये बरामद किए गए हैं. अलग-अलग राशि उनके पास से बरामद हुई है.
अनुकल्प मिश्रा जो कि लवकुश मिश्रा का जीजा है और अनिल मिश्रा का रिश्तेदार. इसकी ड्यूटी चढ़ावा गणना में लगती थी और इसके घर से चोरी की रकम बरामद हुई थी.
तो वहीं दान चोरी मामले में लगातार कई वीडियो सामने आ रहे हैं जो दान चोरी को लेकर खुलासा कर रहे हैं.
विशेष जांच समिति का मतलब एसआईटी यानी शेयर इन थेफ्ट मतलब चोरी में हिस्सेदारी है.
सिस्टम ने भ्रष्टाचार खत्म करने के बजाए उनको ही खत्म कर दिया.
अभी इस वीडियो को लेकर अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है और न ही महिला पत्रकार का बयान सामने आया है.
नीतीश का ये बयान सीधे तौर पर बिहार की भाजपा सरकार पर हमला करने वाला है. उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा किया है.
जब तक नया मंदिर नहीं बना था तब तक वह अखंड ज्योति जलती रही लेकिन नया मंदिर बनने के बाद से ही दीपक का कुछ अता-पता नहीं है.