छठी मइया का पवित्र व्रत रखने से सुख और शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही सारे दुर्भाग्य समाप्त हो जाते हैं। इस व्रत से निसंतान दंपति को संतान की प्राप्ति होती है।
इस व्रत की मुख्य बात ये है कि शुद्धता और सात्विकता का पूरा ध्यान रखा जाता है.
इस पर सातो भाई क्रोधित होकर अपनी पत्नियों को जमकर डांटा तो उन्होंने पूरा सच कह दिया.
भाई दूज पर बहन के घर भइया आएं
खुशियों की तमाम सौगातें लगाएं
यमराज को अपने घर में देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. यमुना ने यमराज को स्नान कराकर पूजन किया.
इससे स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है. स्नान करते वक्त मन में एकाग्रता के साथ श्रीकृष्ण का सुमिरन करते रहें यानी नाम जप करें.
यह चालीसा कृष्ण का,पाठ करै उर धारि।
अष्ट सिद्धि नवनिधि फल,लहै पदारथ चारि॥
हाई ब्लड प्रेशर, यूरिन में खून आना और बार-बार यूरिन इन्फेक्शन जैसी समस्याएं होने की सम्भावना रहती है.
अभ्यंगं कुर्वे प्रात: नरकप्राप्तये सदा।
दामोदरप्रीतये च स्नानं में भवतु सिद्धिदम्।।
धनतेरस का ये खुशियों भरा त्योहार,
जीवन में लाएं सुख-समृद्धि अपार।