इसी जातिवाद और ठोकवाद, गालीबाजी और आपराधिक मानसिकता के जनक हैं मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी.
इससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और समुदायों के बीच वैमनस्यता बढ़ सकती है.
इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है तो वहीं कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है जिस पर लड़कियों ने सॉरी पापा लिखा है.
यदा कदा मां गंगा में गंदगी गिरने के समाचार अखबारों में प्रकाशित होते हैं.
बेटी के दाखिले से पहले उन्होंने खुद स्कूल का दौरा भी किया और सभी व्यवस्था की जांच की.
लापरवाही या फिर जानबूझकर आंख में तीर नहीं चलाया था. सुनील कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और मुझे फंसाया जा रहा है.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ लगातार अपमानजनक टिप्पणी की जा रही हैं.
सर्वेश कुमार पांडे निन्नी ने बच्चों को जलेबी, मिष्ठान आदि का वितरण किया और अमर शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण किया।
हम चींटी नहीं मारते , हम बकरी नहीं मारते…लेकिन इस शरीर में कोख में पल रही बेटियों को चुन-चुन के मारते हैं!
मध्य प्रदेश (सागर) के न्यायाधीश व लेखक अनिल वर्मा की राजगुरु पर लिखी किताब में निन्नी पांडेय को स्थान दिया गया है.