भूकंप के झटके इतने तेज थे कि सोफा, घरों की दीवारें, ट्यूब लाइट और पंखे तक हिल गए. इस दौरान लोग घरों व ऑफिस के बाहर निकल आए.
उसके सिर पर गम्भीर चोटे आई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
इस घटना के बाद से ही अधिवक्ता सवाल कर रहे हैं कि क्या सड़क पर खड़े होना भी गुनाह है या फिर सड़क सम्बधित दुकानदार ने बनवाई.
आनन-फानन में लोग उनको अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया.
मौलाना के खिलाफ जन आक्रोश व्याप्त हो गया था. इसी के बाद यूपी एसटीएफ ने कड़ा एक्शन लेते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया.
पुलिसकर्मी ने तुरंत लड़की के हाथ से वो पर्ची छीन ली जिस पर मोबाइल नम्बर लिखा था और तुरंत वहां से रफूचक्कर हो गए.
यहां ग्रामीणों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच मारपीट तो हुई ही साथ ही पुलिस से भी झड़प हुई.
पुलिस ने उन्हें पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. तो वहीं दावा है कि वह सपा में प्रदेश सचिव हैं.
क्या 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाकर डॉक्टर बनने वाले और 4 नम्बर पाने वाले के बीच समान व्यवहार हो सकेगा विभाग में?
हरीश राणा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल (आईआरसीएच) में भर्ती थे और उनको उपशामक देखभाल वार्ड में रखा गया था.