इच्छा मृत्यु के बाद हरीश राणा ने दूसरों के जीवन में भरी रोशनी…आंखें-दिल दान; भाई-बहन ने दी मुखाग्नि-Video
Harish Rana Death Last Cremation: गाजियाबाद राजनगर एक्सटेंशन निवासी के हरीश राणा (31) की इच्छा मृत्यु के प्रक्रिया के दौरान कल निधन हो गया था तो वहीं आज बुधवार को ग्रीन पार्क श्मशान ग्राउंड में अंतिम संस्कार किया गया है. हरीश राणा को उनके भाई आशीष और बहन ने मुखाग्नि दी. इस दौरान बड़ी संख्या में उनके परिवार के साथ पड़ोसी, रिश्तेदान और दोस्त मौजूद रहे.
हरीश को मुखाग्रि देने से पहले गायत्री मंत्र का जाप किया गया और 10 मिनट का मौन रखा गया. इसके बाद अंतिम संस्कार हुआ. हरीश के अंतिम संस्कार में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी पहुंचे और कहा कि इस दुख की घड़ी में हम उनके पूरे परिवार के साथ खड़े हैं.
बता दें कि हरीश 13 साल से कोमा में थे. माता-पिता उनके ठीक होने का इंतजार करते रहे लेकिन वह नहीं स्वस्थ्य हुए. इसके बाद पिता ने सुप्रीम कोर्ट में इच्छामृत्यु के लिए गुहार लगाई. पिता को चिंता थी कि उनके बाद उनके बेटे की कौन देखभाल करेगा? तो वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को सभी मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद इच्छामृत्यु का आदेश दिया था.
बता दें कि हरीश के अंतिम संस्कार के दौरान ब्रह्माकुमारी दीदी भी मौजूद रहीं. मालूम हो कि हरीश राणा पंजाब विश्वविद्यालय में बीटेक के छात्र थे. वह 2013 में चौथी मंजिल की बालकनी से गिर गए थे जिसके कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं और वह कोमा में चले गए थे. उन्हें कृत्रिम पोषण और कभी-कभी ऑक्सीजन की सहायता दी जा रही थी.
Final farewell to Harish Rana. After 13 years in coma, he has reached Delhi AIIMS where life support will be withdrawn. Heartbreaking moment for his parents who cared for him tirelessly, knowing he would never wake up. Om Shanti. 🥺🙏💔 pic.twitter.com/Uaxg81mRYx
— This Account Makes You Happy (@FeelYouHappy) March 15, 2026
कॉर्निया की होगी जांच
हरीश राणा के पिता की ख्वाहिश थी कि हरीश के अंग दान किए जाएं ताकि किसी और के जीवन में रोशनी भर जाए. चूंकि हरीश 13 साल से कोमा में थे और पैसिव यूथेनेशिया के कारण उनका हार्ट, किडनी और लिवर दान नहीं किया जा सकता लेकिन एम्स प्रशासन का कहना है कि हरीश के दोनों आंखों की कॉर्निया और हार्ट के चारों वॉल्व को सुरक्षित किया गया है.
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने इस सम्बंध में कहा कि हरीश की कॉर्निया की जांच की जाएगी. अगर ये ठीक हुए तो दृष्टिबाधित दो लोगों की आंखों को रोशनी मिल सकेगी. इस तरह से हरीश की कॉर्निया से दो लोग दुनिया देख सकेंगे. एम्स प्रबंधन का कहना है कि अंगदान के बाद हरीश के पार्थिव शरीर को परिवार को सौंपा गया. इसकी रिपोर्ट अब सुप्रीम कोर्ट में एम्स की ओर से पेश की जाएगी. तो वहीं अंगदान को लेकर पिता का कहना है कि उनके बेटे ने तो जिंदगी नहीं जी लेकिन उसके अंग से अगर किसी को नया जीवन मिलता है तो ये उनके लिए बड़ी ही खुशी की बात होगी.
देश का है पहला मामला
बता दें कि हरीश राणा की इच्छामृत्यु का मामला देश का पहला मामला है. 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिलने के बाद 14 मार्च को एम्स में हरीश राणा भर्ती कराया गया था, जहां जीवन रक्षक यंत्रों के पूरी तरह बंद कर दिया गया था. इस प्रक्रिया के आठवें दिन मंगलवार की शाम 4:10 बजे हरीश राणा ने आखिरी सांस ली. कोमा में रहने के दौरान उनके पेट में एक ट्यूब डालकर खाना-पानी पहुंचाया जा रहा था. हरीश पढ़ने में बहुत ही होशियार थे.
सब से माफी मांगते हुए…हरीश राणा की इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया के दौरान का Video देख कांप जाएगी रूह