Health Tips: थोड़ी सी भी लापरवाही पड़ सकती है भारी…5 साल तक के बच्चों को इस तरह बचाएं निमोनिया से

November 22, 2025 by No Comments

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Health Tips: सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है और सर्दी शुरू होते ही छोटे ही नहीं बल्कि बड़ों को भी जुकाम आदि की समस्या शुरू हो गई है. ऐसे में शून्य से पांच साल तक कबच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है.

इस सम्बन्ध में लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी.सिंह ने बताया कि सर्दियों में थोड़ी सी लापरवाही बच्चे को निमोनिया की गिरफ्त में ले सकती है. निमोनिया वायरस, बैक्टीरिया और फंगस से फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है. इसमें फेफड़ों की वायु कोष्ठिका में सूजन आ जाती है क्योंकि संक्रमण के कारण उनमें तरल पदार्थ भर जाता है. वह कहते हैं किनिमोनिया के लक्षण सर्दी जुकाम के सामान ही लगते हैं इसलिए इसके लक्षणों की पहचान जरूरी है.

ऐसे पहचानें निमोनिया के लक्षण को

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आगे बताया कि सांस चलने के तरीके को देख कर इसकी पहचान की जा सकती है. शून्य से दो माह के बच्चे की साँस 60 प्रति मिनट, दो माह से एक साल के बच्चे की सांस लेने की दर 50 प्रति मिनट और एक से पांच साल के बच्चे की सांस लेने की दर 40 मिनट से ज्यादा है तो तुरंत डाक्टर को दिखाएँ.

बच्चे को रखें दूर

यदि घर में कोई निमोनिया से संक्रमित है तो बच्चों को दूर रखें क्योंकि उसके खांसने और छींकने से वायरस या बैक्टीरिया सांस द्वारा फेफड़ों तक पहुंचकर स्वस्थ बच्चे या घर के अन्य सदस्य को संक्रमित कर सकते हैं.

निमोनिया के लक्षण

सांस का तेज चलना.

छाती का अंदर की और धंसना.

तेज बुखार व खांसी.

बेहोशी या सुस्ती.

बच्चा स्तनपान न कर पा रहा हो.

बचाव

बच्चे को निमोनिया का टीका, न्यूमोकॉकल कांजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) लगवाएं . सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क लगाया जाता है.

बच्चे का सम्पूर्ण टीकाकरण करवाएं.

बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं. नवजात का सिर, पैर और हाथ खुले न रखें.

बच्चे को छह माह तक केवल स्तनपान कराएँ इससे प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है.

छह माह के बाद ऊपरी आहार देना शुरू करें.

बच्चे को छूने से पहले, स्तनपान कराने से पहले, खाना बनाने खिलाने से पहले या शौच के बाद हाथ साबुन और पानी से धोएं. इसके अलावा साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें.

जागरुकता जरूरी

डॉ. सिंह कहते हैं कि निमोनिया को लेकर Social Awareness and Actions to Neutralize Pneumonia (SAANS) कार्यक्रम चलाया जा रहा है. जिसके तहत निमोनिया से बचाव और प्रबन्धन के लिए आशा कार्यकर्ता और एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया है. ये स्वास्थ्य कार्यकर्ता, बच्चा यदि गम्भीर है तो उसे प्राथमिक उपचार देकर उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर करते है इसके साथ ही कारणों, बचाव को लेकर जनजागरूकता भी फैला रहे हैं.

इसके अलावा जनपद की 17 सीएचसी पर 4 बेड के न्यूबोर्न स्टेब्लाईजिंग यूनिट (एनबीएसयू) है जहाँ के सभी स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है. इसके साथ ही उन्हें टेबलेट भी मुहैया कराये गए हैं जिसके माध्यम से उनकी रिपोर्टिंग, क्षमता वर्धन व मॉनिटरिंग की जा रही है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि लक्ष्ण दिखने पर बच्चे को तुरंत ही आशा या एएनएम् से सम्पर्क करें या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर जाएँ. जाँच और इलाज निःशुल्क है.

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