India:”खतना” के डर से इस्लाम धर्म अपनाने जा रहे 61 वर्षीय पुजारी ने बदला फैसला, इससे पहले बदल चुके थे नाम और पढ़ ली थी नमाज, कराना चाहते थे “अंतिम संस्कार”, घर पहुंचे भाजपा के पूर्व मंत्री, जानें कहां का है मामला
बेंगलुरु। इस्लाम धर्म कुबूल करने जा रहे एक मंदिर के पुजारी ने उस वक्त अपना इरादा बदल लिया, जब “खतना” का वक्त आया। इसके बाद बेंगलुरु के एक मंदिर के पुजारी ने सनातन धर्म को ही सर्वोच्च बताया। जबकि पुजारी खतना से पहले टोपी लगाकर नमाज अदा कर चुके थे।
इस पूरे मामले के बारे में खुद पुजारी एचआर चंद्रशेखरैया ने मीडिया को बताया कि वह इस्लाम धर्म अपनाने जा रहे थे, लेकिन खतना प्रथा की जानकारी होते ही उन्होंने अपना निर्णय बदल लिया है। वह शुगर पेशेंट हैं। ऐसे में खतना होने के बाद उनको भविष्य में होने वाली समस्याओं का डर भी सताने लगा था। जबकि वह इस्लाम धर्म के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं। चूंकि वह जहां पर रहते हैं वह कुछ मुस्लिम रहते हैं और कई दोस्त भी। इसीलिए उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने का फैसला किया था।
इसलिए लिया था धर्म परिवर्तन का फैसला
उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने का क्यों निर्णय लिया के जवाब पर मीडिया को उत्तर देते हुए कहा कि वह उत्तराधिकार के विवाद के चलते काफी आहत थे। रिश्ते-नातेदारों ने उनको खुद से अलग कर दिया था। वह बताते हैं कि चूंकि वह बूढ़ें हैं और उनको ये खतरा सता रहा था कि उनका अंतिम संस्कार परम्पराओं के आधार पर नहीं किया जाएगा। इसीलिए उन्होंने कानूनी रूप से इस्लाम धर्म अपनाने का फैसला किया, ताकि उनका अंतिम संस्कार हो सके। वह वर्तमान में 61 साल के हैं।
अब महसूस कर रहे हैं शांति
इसी के साथ उन्होंने बताया कि सनातन धर्म सर्वोच्च धर्म है। इसका बाद में अहसास हुआ। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म में जाने का उनका निर्णय गलत था। इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा कि धर्म बदल लेने से मुक्ति का मार्ग नहीं मिल सकता। निर्णय बदलने के बाद संतों ने उनका जिस तरह से स्वागत किया है, इससे वह शांति महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का दावा ब्रेन वॉश के शिकार होने जा रहे थे पुजारी
वहीं इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता दल एस के नेता व कुछ अन्य लोगों ने पुजारी का ब्रेन वॉश किया था। इसी के बाद पुजारी ने धर्म परिवर्तन करने के लिए विज्ञापन भी दिया था। वह ब्रेन वॉश का शिकार होने जा रहे थे।
ये रख लिया था नाम
बता दें कि पुजारी ने अपना नाम बदल कर मुबारक पाशा नाम रख लिया था और वह टोपी पहन कर नमाज भी अदा कर चुके थे। इस सम्बंध में फोटो भी वायरल हो रही है, जिसे लोगों ने पूरे मामले को सांप्रादायिक मुद्दा बना दिया है।
भाजपा के पूर्व मंत्री पहुंचे थे पुजारी के घर
मीडिया सूत्रों के मुताबिक भाजपा के पूर्व मंत्री सोगडू शिवन्ना उनके घर भी पहुंचे थे और उनसे इस मामले में गहर चर्चा की थी और इसके बाद शिवन्ना ने धार्मिक संतों का मदद से चंद्रशेखरैया की घर वापसी कार्यक्रम की भी व्यवस्था की था। (फोटो प्रतीकात्मक है)