Lucknow CMS School: 57 देशों के 250 न्यायाधीशों व मॉरीशस के राष्ट्रपति ने यूक्रेन युद्ध पर जताया दुख, कहा, “अब समाप्त होना चाहिए युद्ध का युग”

November 20, 2022 by No Comments

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लखनऊ। पिछले करीब 9 महीने से चल रहे यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर 57 देशों के 250 न्यायाधीशों के साथ ही मॉरीशस के राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने दुख प्रकट किया है। इसी के साथ कहा है कि युद्ध का युग अब समाप्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग बातचीत एवं आपसी वार्तालाप करके समाधान ढूढने का है। शांति की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास करने की जरूरत है।

वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सीएमएस (सिटी मांटेसरी स्कूल) कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हैं। सीएमएस की ओर से ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 23वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ का आयोजन किया गया है, जिसका उद्घाटन मॉरीशस के राष्ट्रपति ने किया। इस मौके पर उन्होने सीएमएस के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा से हमारे बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करने में प्रमुख भूमिका निभाएगी।

इस समारोह में विभिन्न देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पार्लियामेन्ट के स्पीकर, न्यायमंत्री, इण्टरनेशनल कोर्ट के न्यायाधीशों समेत 57 देशों से पधारे 250 से अधिक मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों व कानूनविदों ने विश्व एकता के पक्ष में अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर विभिन्न देशों से पधारे पूर्व व वर्तमान राष्ट्राध्यक्षों समेत 57 देशों के मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों व प्रख्यात हस्तियों ने ‘विश्व एकता मार्च’ निकालकर विश्व के ढाई अरब बच्चों के सुरक्षित भविष्य का अलख जगाया। यह विश्व एकता मार्च कानपुर रोड स्थित पुरानी चुंगी से सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम तक निकाला गया।

मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विभिन्न देशों से पधारे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व अन्य राजनीतिक हस्तियों समेत कई प्रख्यात न्यायमूर्तियों ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर बोलते हुए एंटीगुआ और बारबुडा के गवर्नर-जनरल, सर रॉडनी एरे लॉरेंस विलियम्स ने सीएमएस द्वारा आयोजित इस सम्मेलन की प्रशंसा की और इसके सिद्धान्त को आगे बढाने के लिए सुझाव भी दिए।

आपसी विचार विमर्श से आपसी समझ विकसित होगी एवं शान्ति का वातावरण स्थापित होगा। क्रोएशिया के पूर्व राष्ट्रपति स्टीपन मेसिक ने कहा कि आज विश्व में ऐसे लोगों एवं संस्थाओं की जरूरत है जो सबका भला सोचें। हम ऐसा विश्व नहीं बनायेंगे जो दूसरों के जीवन के लिए खतरा उत्पन्न न करें। रोमानिया के पूर्व राष्ट्रपति एमिल कॉन्स्टेंटिनेस्कु ने पिछली गलतियों से सबक लेने की आवश्यकता बताई। उन्होने कहा कि विश्व शान्ति संभव है, पर यह ‘रूल ऑफ लॉ’’ और गणतंत्र पर आधारित होना चाहिए। उन्होने आगे कहा कि स्थाई शान्ति की स्थापना संस्कार एवं शिक्षा से ही संम्भव है।

इस मौके पर इन पैरालल सेशन्स के अन्तर्गत ‘क्रिएटिंग कल्चर ऑफ यूनिटी एण्ड पीस’, ‘इस्टेब्लिशिंग रूल ऑफ लॉ’, ‘ह्यूमन राइट्स’, ‘ग्लोबल गवर्नेन्स स्ट्रक्चर’, ‘टैकलिंग ग्लोबल इश्यूज’ एवं ‘सस्टेनबल डेवलपमेन्ट’ आदि विषयों एवं उप-विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर न्यायमूर्ति आदेल ओमेर शेरीफ, डेप्यूटी चीफ जस्टिस, इजिप्ट, न्यायमूर्ति भेकी महापाला, चीफ जस्टिस, इस्वातिनी, न्यायमूर्ति सोमाइला सादी, वाइस प्रेसीडेन्ट, नेशनल इकोनॉमिक एण्ड सोशल काउन्सिल, नाईजीरिया, न्यायमूर्ति बत्सुरी मिशिग, जज, सप्रीम कोर्ट, मंगोलिया, न्यायमूर्ति इवा फ़्रेन्सलीना ओज़ियास, जज, ज्यूडिशियल कोर्ट, मोज़ाम्बिक, न्यायमूर्ति खामीस रमाधानी, चीफ जस्टिस, तंजानिया, न्यायमूर्ति रॉयडा एम.सी. कौमा, जज, सुप्रीम कोर्ट, जाम्बिया आदि कई देशों के मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों व कानूनविदों ने अपने विचार व्यक्त किये।

इस मौके पर सम्मेलन के संयोजक व सीएमएस संस्थापक डा. जगदीश गाँधी, मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा सहित सीएमएस के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

21 को सुबह 9 बजे से शुरू होगा चौथे दिन का सम्मेलन
‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 23वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ के चौथे दिन के उद्घाटन समारोह, कानूनविदों की परिचर्चा एवं साँस्कृतिक संध्या का कार्यक्रम सुबह 9 बजे से सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में होगा। सम्मेलन का उद्घाटन उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य करेंगे।