Lucknow: छात्राओं ने बताए संचारी रोग से बचने के उपाए, प्रधानाचार्या ने किया जागरुक
Lucknow: बरसात का मौसम चल रहा है। जगह जगह नदी नाले उफनाए हुए हैं। गड्ढे तालाबों में गंदे पानी भरे हुए हैं। कीड़े मकोड़े अपने रहने वाले आश्रयों, बिलों और कोटरों को छोड़कर बस्ती की ओर भाग रहे हैं। नए-नए कीट पतंगे पैदा हो रहे हैं और मानव जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। इनमें से कुछ कीट पतंगे सीधे डंक मार कर या काट कर मानव जीवन को नुकसान पहुंचाते हैं तो लंबे समय तक नमी के कारण भी अनेक बैक्टीरिया और वायरस हमारे आसपास पैदा होकर हमें बीमार करते हैं।

ये इस मौसम में तेजी से फैलते भी हैं। दरअसल यह संक्रामक रोगों का मौसम है। संक्रामक रोग वह है जो एक व्यक्ति या जानवर से दूसरे व्यक्ति में या किसी जीव में फैलता है। इनमें सर्दी और फ्लू प्रमुख हैं। वायरस, बैक्टीरिया और कवक जैसे रोगजनक इन बीमारियों का कारण बनते हैं। इन्हें ही संचारी रोग भी कहा जाता है। संचारी रोग शारीरिक तरल पदार्थ, कीड़े के काटने, दूषित सतहों, पानी और खाद्य पदार्थों के संपर्क से या हवा के माध्यम से फैल सकते हैं जो हमारे मन को व्यथित और शरीर को बीमार कर देते हैं। हम सब जानते हैं कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है।
अतः विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं और उनके माध्यम से उनके परिवारी जनों तक इस मौसम में फैलने वाले विविध संचारी रोगों तथा उनसे बचाव के उपाय के लिए प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम आवश्यक ही नहीं अनिवार्य समझते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने बताया यदि आसपास के गड्ढों में गंदा पानी न जमा होने दें, फ्रिज और कूलर के पास भी साफ सफाई रखें, छतों पर पानी न रुकने दें और दीवारों पर भी सीलन न होने दें साथ ही सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करते हुए दिन में भी फुल आस्तीन के कपड़े और मोजे पहनकर कीट पतंग और मच्छरों के काटने से बचें तो भी काफी हद तक इन बीमारियों से बचा जा सकता है।

इस कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए विविध प्रतियोगिताओं में छात्राओं को प्रतिभाग हेतु प्रेरित किया गया जिसके माध्यम से यह भी बताने का प्रयास किया गया कि कैसे उनका रोकथाम और बचाव किया जा सकता है ।बालिका विद्यालय की शिक्षिकाओं पूनम यादव, ऋचा अवस्थी, मंजुला यादव और प्रतिभा रानी के निर्देशन में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। छात्राओं को संचारी रोगों से बचाव के प्रति प्रतिज्ञा दिलाई गई। विविध स्लोगन जैसे- समय-समय धोइए हाथ, संचारी रोगों का नहीं रहेगा साथ, साफ सफाई अपनाना है संचारी रोगों को दूर भगाना है आदि के माध्यम से छात्राओं को संचारी रोगों के विषय में जानने हेतु आकर्षित किया गया। इसी प्रकार से पोस्टर में अपने विचारों को प्रस्तुत करके छात्राओं ने समाज के लोगों को जागरूक किया।कक्षा 9 की छात्राओं ने इसी विषय को आधार बनाकर अंताक्षरी प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। कार्यक्रमों में विद्यालय की समस्त शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। विजयी छात्राओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा।