Lucknow University: एलयू को पहली बार मिली ये बड़ी उपलब्धि…शोधार्थी के रिसर्च को शोध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ने कवर पेज पर किया प्रकाशित
Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) के वनस्पति विज्ञान विभाग में प्रो. राजेश कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में वरिष्ठ शोधार्थी निकिता वर्मा और उनकी टीम ने पॉप्लर पेड़ों (poplar trees) की विभिन्न प्रजातियों पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन किया। इस शोध की उत्कृष्टता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे Springer Nature की प्रतिष्ठित Q1-टियर पत्रिका ‘जर्नल ऑफ प्लांट ग्रोथ रेगुलेशन’ ने अपने कवर पेज पर प्रकाशित किया है जो कि किसी भी शोधार्थी के लिए एक विशिष्ट उपलब्धि मानी जाती है।
विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, यह शोध सीएसआईआर–एचआरडीजी, नई दिल्ली द्वारा 2021–2024 की अवधि के लिए वित्तीय सहायता से संपन्न किया गया है। शोध के पहले चरण में उन्होंने सात विभिन्न पॉप्लर (चिनार) प्रजातियों की स्क्रीनिंग की, जिसमें पौधों की वृद्धि और उनमें उपस्थित क्रियाशील ऑक्सीजन (Reactive Oxygen Species) के स्तर के आधार पर तुलना की गई।
इसके बाद चयनित दो प्रजातियों को नियंत्रित परिस्थितियों में पानी (hydroponics) में उगाकर उनके विकास पर सक्रिय ऑक्सीजन के प्रभावों का अध्ययन किया गया। अध्ययन में पाया गया कि कुछ विशिष्ट प्रकार की क्रियाशील ऑक्सीजन पौधों की वृद्धि को प्रोत्साहित करती हैं, जबकि हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसी ऑक्सीजन प्रजातियाँ वृद्धि में रुकावट पैदा करती हैं। इसके साथ ही, इन ऑक्सीजन प्रजातियों का प्रभाव पौधों में सेल्युलेज़ और लिग्निन बनने की प्रक्रिया पर भी देखा गया, जो तनों की मजबूती और लकड़ी की गुणवत्ता से जुड़ी होती है।
शोध के मुताबिक, विमको की 109 वैरायटी ने तेज वृद्धि दिखाई, जिसमें सुपर ऑक्साइड की मात्रा अधिक और लिग्निन की मात्रा अपेक्षाकृत कम पाई गई। यह इंगित करता है कि इस प्रजाति में तेज वृद्धि के साथ-साथ लकड़ी की गुणवत्ता को नियंत्रित करने वाले तत्वों का संतुलन विशिष्ट रूप से अनुकूल है।
यह अध्ययन पौधों में क्रियाशील ऑक्सीजन की भूमिका, विकास दर और लकड़ी की गुणवत्ता सुधार के बीच संबंधों को उजागर करता है — जो भविष्य में वन जैव-प्रौद्योगिकी और पर्यावरण-अनुकूल वृक्षारोपण के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है। यह लखनऊ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के इतिहास का एक गौरवपूर्ण क्षण है. पहली बार किसी शोधार्थी के शोध से जुड़ी तस्वीर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका के कवर पेज पर प्रकाशित हुई है। यह उपलब्धि न केवल वनस्पति विज्ञान विभाग, बल्कि पूरे लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है।
पूरा अध्ययन पढ़ने के लिए https://link.springer.com/article/10.1007/s00344-025-11810-8 लिंक पर क्लिक करें.
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