Lunar Eclipse (Chandra Grahan)-2022: चंद्रग्रहण के समय इन कामों को करने से मिलती है नारकीय व सर्पयोनि, ग्रहण से जुड़ी जानें ये 11 महत्वपूर्ण जानकारियां
चंद्र ग्रहण विशेष। मंगलवार को शाम 5 बजकर 16 मिनट (लखनऊ) से साल का आखिरी ग्रहण, ग्रस्तोदित खग्रास चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) लगने जा रहा है। इस मौके पर आचार्यों की सलाह है कि चंद्रमा का मंत्र पढ़ें और मूर्ति स्पर्श न करें।
बता दें कि चंद्रग्रहण वैसे तो एक खगोलीय घटना है और चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) तब लगता है, जब चन्द्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है। ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हों। इस ज्यामितीय प्रतिबन्ध के कारण चन्द्रग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है, लेकिन सनातन संस्कृति को मानने वाले इस दिन को लेकर खास परहेज करते हैं। इस दिन सूतक लगने के साथ ही मंदिरों के कपाट 9 घंटे पहले ही बंद कर दिए जाते हैं तो वहीं घरों में भी पूजा-पाठ नहीं किया जाता है और मूर्ति स्पर्श निषेध हो जाता है, लेकिन इस दौरान मंत्रोच्चारण करने के लिए भारतीय ज्योतिष अनुसन्धान संस्थान,लखनऊ के निदेशक आचार्य विनोद कुमार मिश्र के सलाह दे रहे हैं।
ग्रहण के समय भगवान का चिंतन, जप, ध्यान करने पर उसका लाख गुना फल मिलता है , ग्रहण के समय हज़ार काम छोड़ कर मौन और जप करिए।
ग्रहण के समय धोखाधड़ी और ठगाई करने से सर्पयोनि मिलती है।
ग्रहण लगने के पहले खान-पान ऐसा करिए कि आपको बाथरूम में ना जाना पड़े।
ग्रहण के समय सोने से रोग बढ़ते हैं।
ग्रहण के समय जीव-जंतु या किसी की हत्या हो जाय तो नारकीय योनि में जाना पड़ता है।
ग्रहण के समय भोजन व मालिश करने वाले को कुष्ट रोग हो जाता है।
ग्रहण के समय पत्ते, तिनके, लकड़ी, फूल आदि नहीं तोड़ने चाहिए।
स्कन्द पुराण के अनुसार ग्रहण के समय दूसरे का अन्न खाने से १२ साल का किया हुआ जप, तप, दान स्वाहा हो जाता है।
ग्रहण के समय अपने घर की चीज़ों में कुश, तुलसी के पत्ते अथवा तिल डाल देने चाहिए।
ग्रहण के समय रुद्राक्ष की माला धारण करने से पाप नाश हो जाते हैं।
ग्रहण के समय दीक्षा अथवा दीक्षा लिए हुए मंत्र का जप करने से सिद्धि हो जाती है।
आपके शहर में चंद्र ग्रहण का समय
दिल्ली में 5.28 बजे, नोएडा में 5.30 बजे, अमृतसर में 5.32 बजे, लखनऊ में 5.16 बजे, भोपाल में 5.36 बजे, लुधियाना में 5.34 बजे। जयपुर (5.37), शिमला (5.20),मुंबई (6.01), कोलकाता (4.52), रायपुर (5.21), पटना (5.00), इंदौर (5.43) देहरादून (5.22) उदयपुर (5.49) और गांधीनगर (5.55)
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)