क्या आप आतंकवादियों की तरफ हैं या फिर…? जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी ने भारत के मुस्लिम समाज से जानें क्यों पूछा ये सवाल?-Video

October 1, 2024 by No Comments

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Viral Video: सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी (2016-2018); पूर्व सचिव सीआईपीएसए शेष पॉल वैद का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह भारत के मुस्लिम समाज से कुछ सवाल करते नजर आ रहे हैं. इसी के साथ ही उन्होंने भारत में रह रहे मुस्लिम समुदाय से एक सवाल पूछा है कि वह आतंकवादियों की ओर हैं या फिर भारत की ओर. इसी के साथ ही उन्होंने कहा है कि हमारे देश में मुस्लिम समुदाय को गंभीर आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वह कहते हुए दिख रहे हैं कि “यह बेहद दुखद है कि हमारे दिवंगत हेड कांस्टेबल बशीर अहमद को श्रद्धांजलि देने के लिए कोई नहीं आया, जिन्होंने कल कठुआ के मांडली में आतंकवादियों से लड़ते हुए अपनी जान गंवा दी। मध्य कश्मीर के वर्तमान सांसद के नेतृत्व में कश्मीर और लखनऊ में मुसलमानों को आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह और उसके नेता नसरल्लाह, जो हजारों निर्दोष लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार है, के लिए आंसू बहाते देखना निराशाजनक है।” उन्होंने ये भी कहा कि अपने देश के लिए शहीद हुए कांस्टेबल बशीर अहमद भी तो मुस्लिम थे. वह भी किसी मां का बच्चा था. क्या वो भारतीय नहीं थे? फिर उनके शहीद होने पर किसी ने आतंकवादियों के खिलाफ कोई विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं किया?

इसी के साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हमारे देश में मुस्लिम समुदाय को गंभीर आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है। हमारे देश में मुस्लिम समुदाय को गंभीर आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है। आप लोगों को सोचना चाहिए कि आप लोग किसकी तरफ हैं. आप आतंकवादियों की तरफ हैं या फिर भारत की तरफ.

जानें क्या है मामला?

बता दें कि हाल ही में इजरायली हमले में आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह की मौत हो गई थी. इसी के बाद से दुनिया भर के तमाम देशों में मौजूद उसके समर्थकों ने शोक मनाया और उसे शहीद बताया. इससे भारत भी अछूता नहीं रहा. कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी उसकी मौत पर शिया मुसलमानों ने विरोध प्रदर्शन किया. लखनऊ में कैंडल मार्च निकाला गया. इस दौरान बड़ी संख्या में शिया मुसलमानों ने पहले कश्मीर घाटी में विरोध प्रदर्शन किया इसके बाद शिया समुदाय का केंद्र कहे जाने वाले लखनऊ में भी प्रदर्शन में कई हज़ार लोग शामिल हुए. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का पुतला भी फूंका गया. तो वहीं कोलकाता में भी विरोध प्रदर्शन हुआ. एक अनुमान के मुताबिक, भारत में क़रीब दो करोड़ शिया मुसलमान रहते हैं और एक बहुत बड़ी आबादी लखनऊ में निवास करती है.

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