अगर हिंदुस्तान में रहना है तो हिंदुस्तान के हिसाब से चलना होगा. अगर हिंदुस्तान रहोगे और पाकिस्तान का गाओगे तो ये सब नहीं चलेगा.

ऐसा कोई भी व्यक्ति जो कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म का पालन नहीं करता, वह अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता है.

सहरी और इफ्तार का समय कुछ शहरों में अलग-अलग कुछ मिनट के लिए आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए अपने स्थानीय मस्जिद या आधिकारिक कैलेंडर से समय की पुष्टि करने के बाद ही सहरी और इफ्तार करें.

“यह क्या हो गया है नीतीश जी को? मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो चुके हैं?”