28 मई को बाइक चलाने की बात पर असद और सूर्या का झगड़ा हुआ था. इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए थे लेकिन ये विवाद यहीं नहीं थमा था.
घरवालों का कहना है कि जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होता तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
अगर हिंदुस्तान में रहना है तो हिंदुस्तान के हिसाब से चलना होगा. अगर हिंदुस्तान रहोगे और पाकिस्तान का गाओगे तो ये सब नहीं चलेगा.
ऐसा कोई भी व्यक्ति जो कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म का पालन नहीं करता, वह अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता है.
त्काल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के नाम चौराहे का सुंदरीकरण करने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करके अवगत कराया जाए.
सहरी और इफ्तार का समय कुछ शहरों में अलग-अलग कुछ मिनट के लिए आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए अपने स्थानीय मस्जिद या आधिकारिक कैलेंडर से समय की पुष्टि करने के बाद ही सहरी और इफ्तार करें.
धमकाते हुए लहजे में उसने कहा कि बाद में यह मत कहना कि चेतावनी नहीं दी गई थी.
“यह क्या हो गया है नीतीश जी को? मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो चुके हैं?”
मुसलमान रहते हुए भगवान के चरणों में रहिए. भगवान आपको इसी रूप में स्वीकार लेंगे. धर्मांतरण करने की जरूरत नहीं हैं
निकाह को केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि सामाजिक अनुबंध है.