Sambhal Violence: संभल जामा मस्जिद हिंसा में तीन की मौत, इंटरनेट सेवा बंद; उप-जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किया ये आदेश, असदुद्दीन ओवैसी ने कही ये बड़ी बात-Video

November 24, 2024 by No Comments

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Sambhal Jama Masjid Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में रविवार को कोर्ट के आदेश के बाद जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में भीड़ और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई. इस हिंसा में लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने बचाव और स्थिति को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

इस हिंसा में अभी तक आई जानकारी के मुताबिक, तीन लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हैं. फिलहाल अफवाहों पर काबू पाने के लिए यहां पर इंटरनेट सेवा आगमी आदेश तक के लिए बंद कर दी गई है. तो वहीं 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

हिंसा उस वक्त भड़की जब मुगलकालीन एक मस्जिद का अदालत के आदेश पर सर्वेक्षण किया जा रहा था। मुरादाबाद कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि का है और बताया है कि इस हिंसा में नोमान, बिलाल और नईम की मौत हुई है। मालूम हो कि हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद भगवान विष्णु के एक प्राचीन हरिहर मंदिर की जगह पर बनाई गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभल की जामा मस्जिद सर्वेक्षण शुरू होने के करीब दो घंटे बाद ही बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के पास जमा हो गए थे और फिर देखते ही देखते सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। हालांकि सोशल मीडिया पर कई जगहों पर ये दावा किया जा रहा है कि पहले पुलिस ने भीड़ पर लाठी चलाई, इसके बाद लोगों ने पथराव किया. इस हिंसा में कई अधिकारी घायल हो गए हैं। एक पुलिसकर्मी और भीड़ में शामिल दो लोग भी घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

नोटिस में कही गई है ये बात

संभल में हिंसा को देखते हुए उप-जिला मजिस्ट्रेट ने एक नोटिस जारी कर नागरिकों को अपनी छत पर पत्थर, सोडा की बोतलें या कोई ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री खरीदने या इकट्ठा करने से पूरी तरह से रोक लगा दी है. नोटिस में कहा गया है कि यदि कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका को भी आदेश दिए गए हैं कि यदि सड़कों पर कोई भवन निर्माण सामग्री पड़ी है तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाए।

फिलहाल इस मामले में जिलाधिकारी ने स्थिति सामान्य बताई है.

ओवैसी ने कही ये बात

मुस्लिम नेता व सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संभल हिंसा पर बयान दिया है और कहा है कि तुझ को कितनों का लहू चाहिए ऐ अर्ज़-ए-वतन? जो तिरे आरिज़-ए-बे-रंग को गुलनार करें कितनी आहों से कलेजा तिरा ठंडा होगा कितने आँसू तिरे सहराओं को गुलज़ार करें #संभल में पुर-अमन एहतिजाज करने वालों पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा फायरिंग करने कि हम कड़ी निंदा करते हैं, पुलिस की फायरिंग में तीन नौजवानों की मौत हुई है। अल्लाह से दुआ है के अल्लाह मरहूमीन को मग़फ़िरत अदा करे और उनके घर वालों को सब्र ए जमील अदा करे। इस हादसे की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। जो अफ़सर ज़िम्मेदार हैं, उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही होनी चाहिए।

पत्थरबाजी पर मंडलायुक्त ने कही ये बात

मंडल आयुक्त अनंजय कुमार सिंह ने संभल हिंसा को लेकर कहा, “आज कोर्ट के आदेश से 7 बजे से 11 बजे तक सर्वे किया जाना था. शांतिपूर्ण तरीके से सर्वे चल रहा था इसी दौरान कुछ लोग एकत्रित होकर जामा मस्जिद के बाहर नारेबाजी करने लगे. वहां पुलिस की पर्याप्त सुरक्षा मौजूद थी हालांकि कुछ समय बाद वे पथराव करने लगे… पहचान की जा रही है कि इसमें कौन लोग शामिल थे. घटना में हमारे जवान भी घायल हुए हैं… पुलिस ने बल प्रयोग करके भीड़ को तितर-बितर किया. सर्वे की टीम अपना काम करके रवाना हो चुकी है… फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और सब कुछ ठीक चल रहा है.”

जानें क्या है पूरा मामला?

बता दें कि जामा मस्जिद को मंदिर होने का दावा करने वाले हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से याचिका दायर की गई थी. इस पर स्थानीय अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश दिया था। जैन का दावा है कि मस्जिद मुगल सम्राट बाबर द्वारा हरिहर मंदिर को तोड़कर बनवाई गई थी। इसी के बाद मंदिर का सर्वे किया जा रहा था और इसी क्रम में आज सुबह भी सर्वे टीम मस्जिद में पहुंची थी. फिलहाल क्षेत्र की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारी विशेष सावधानी बरत रहे हैं। गौरतलब है कि इसी मस्जिद में 1976 में एक घटना हुई थी, जिसमें एक दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति द्वारा इमाम की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा ने बड़ा रूप ले लिया था और इसका असर ये हुआ कि यहां एक महीने तक कर्फ्यू लगा रहा था।

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