Sharad Purnima: शरद् पूर्णिमा की रात हनुमान जी के सामने प्रज्ज्वलित करें चौमुखा दीपक…सुख-समृद्धि के लिए करें ये आसान उपाय
Sharad Purnima: हिंदी तिथि के मुताबिक, आश्विन मास की शुक्ल पक्ष व शरद की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है. बता दें कि इस पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की चांदनी में खीर रखने की परम्परा है. आचार्य पीएन पांडेय बताते हैं कि पूर्णिमा और अमावस्या पर चन्द्रमा के विशेष प्रभाव से समुद्र में ज्वार-भाटा आता है।
जब चन्द्रमा इतने बड़े समुद्र में उथल-पुथल कर उसे कंपायमान कर देता है तो जरा सोचिए कि हमारे शरीर में जो जलीय अंश है, सप्तधातुएं हैं, सप्त रंग हैं, उन पर चन्द्रमा का कितना गहरा प्रभाव पड़ता होगा। इसलिए इस दिन कुछ उपाय कर लेने से हमारे जीवन में काफी कुछ सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं.
उपाय
शिथिल इन्द्रियों को पुष्ट करने के लिए चन्द्रमा की चांदनी में रखी खीर खाएं.
नेत्रज्योति बढ़ाने के लिए दशहरे से शरद पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि में 15-20 मिनट तक चन्द्रमा को देखकर त्राटक करें। ऐसा करने से आंखों की रोशनी में सुधार होता है तो वहीं मन के विकर्षण भी समाप्त होते हैं. इससे ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी बढ़ती है. यह स्मरण शक्ति को बढ़ाता है और मन को जागरूकता, ध्यान और एकाग्रता की स्थिति में लाता है।
माना गया है कि शरद पूर्णिमा अस्थमा के लिए वरदान की रात होती है। रात को सोना नहीं चाहिए। रात भर रखी खीर का सेवन करने से दमे की बीमारी में भी लाभ मिलता है. हालांकि इस उपाय को करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें.
चंद्र देव, लक्ष्मी मां को भोग लगाकर वैद्यराज अश्विनी कुमारों से प्रार्थना करना चाहिए कि ‘हमारी इन्द्रियों का तेज-ओज बढ़ाएं।’ तत्पश्चात् खीर का सेवन करना चाहिए।
शरद पूर्णिमा पर पूजा, मंत्र, भक्ति, उपवास, व्रत आदि करने से शरीर तंदुरुस्त, मन प्रसन्न और बुद्धि आलोकित होती है।
शरद् पूर्णिमा की रात में जागते हुए माँ लक्ष्मी, भगवान शिव, कुबेर और चन्द्र देव की आराधना करनी चाहिए।
शरद पूर्णिमा पर काम-विलास से बचें. माना जाता है कि इसमें लिप्त रहने से विकलांग संतान अथवा जानलेवा बीमारी की सम्भावना बढ़ जाती है।
शरद् पूर्णिमा की रात को हनुमान जी की पूजा और उनके सामने चौमुखा दीपक जलाएं।
माना जात है कि इस रात सूई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है।
शरद् पूर्णिमा की रात को चाँद की चाँदनी में जरूर बैठें।
शरद् पूर्णिमा की रात को घर की छत पर खीर बनाकर रखें. माना जाता है कि शरद् पूर्णिमा पर चाँद की किरणें खीर पर पड़ने पर यह औषधि के रूप में लाभ पहुँचाती है। (फीचर फोटो-सोशल मीडिया)
DISCLAIMER:धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों के आधार पर धार्मिक विवरण दिया गया है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)
शरद पूर्णिमा से जुड़ी पढ़ें ये खबरें