Solar Eclipse-2022: 25 अक्टूबर को पड़ रहा है सूर्यग्रहण, भारत पर रहेगा असर, इसके कुप्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं करें ये सरल काम, जानें क्या करना है और क्या नहीं, पिएं तुलसीदल वाला पानी

September 12, 2022 by No Comments

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सूर्यग्रहण विशेष। साल 2022 मे चार ग्रहण लग रहे हैं। तीसरा ग्रहण 25 अक्टूबर को लगने जा रहा है। इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ेगा। अर्थात सूर्यग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इसलिए हिंदू धर्म में शास्त्रों के मुताबिक इस दिन गर्भवती महिलाएं अपना ध्यान जरूर रखें। ज्योतिषाचार्य इस दिन तुलसीदल वाला पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।

बता दें कि साल 2022 में कुल चार ग्रहण पड़ने हैं। इसमें से हो ग्रहण पड़ चुके हैं। इस सम्बंध में आचार्य पुष्पलता पाण्डेय बताती हैं कि इस साल कुल 4 ग्रहण पड़ रहे हैं। इनमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण हैं। पहला सूर्य ग्रहण 30 अप्रैल को पड़ चुका है और दूसरा चंद्रग्रहण 16 मई को पड़ा था, लेकिन ये दोनों ग्रहण ही भारत में मान्य नहीं थे, क्योंकि दोनों ही भारत में दिखाई नहीं दिए थे, लेकिन 25 अक्टूबर को पड़ने वाला सूर्यग्रहण भारत में दिखाई देगा। यह शाम को 4.23 से 6.25 तक रहेगा। इसलिए यह खंडग्रास ग्रहण होगा। इसका प्रभाव पूरे भारत में होगा। इसलिए इस दिन गर्भवती महिलाओं को अपना खास ख्याल रखने की जरूरत है।

देखें कब पड़ेगा साल का चौथा व आखरी ग्रहण
साल का चौथा व अंतिम ग्रहण 8 नवम्बर को पड़ रहा है, जो कि चंद्रगहण है। इसका भी असर भारत पर होगा, लेकिन पूरे समय नहीं दिखेगा। मोक्ष के समय इसका असर भारत पर पड़ेगा। इसका मोक्ष काल शाम 6 बजकर 20 मिनट पर है औऱ इस दिन चंद्रमा उदय का समय 5 बजकर 20 मिनट है। इसलिए एक घंटा भारत में इसका असर दिखेगा। ये ग्रहण भी खग्रास ही है।

ग्रहण के दौरान करें ये धार्मिक कार्य
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान सुंदरकांड व देवी का पाठ व मंत्र का जाप करें। तुलसी पत्र वाला जल ही पिएं। ग्रहण खत्म होने के बाद फिर से स्नान करें और सफेद वस्तु का दान करें। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो ग्रहण का असर पूरी मानवजाति पर होता है। इसलिए ग्रहण के दौरान मंत्रों का जाप करना चाहिए ताकि पूरी मानवजाति सुरक्षित रह सके। इसका प्रभाव अच्छा और बुरा दोनों प्रकार से हो सकता है। क्योंकि ग्रहण के समय सूर्य व चंद्र से निकलने वाली हानिकारक किरणें मनुष्य के जीवन को प्रभावित करती हैं। इन हानिकारक किरणों का प्रभाव सबसे अधिक गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। इसलिए इन लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह सनातन धर्म के शास्त्रों में दी गई है।  

इस बातों का रखें गर्भवती महिलाएं ध्यान

ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बिल्कुल भी बाहर न निकलें। इस बात का ग्रहण के दौरान हमेशा ध्यान रखें, चाहे ग्रहण अपने देश में दिख रहा हो या नहीं।

नुकीली चीजों का प्रयोग न करें। जैसे सब्जी आदि न काटें या फिर सिलाई-कढ़ाई आदि का काम न करें। अर्थात चाकू या सुई आदि का इस्तेमाल न करें। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने पर उनके शिशु के अन्दर विकृति आने की सम्भावना रहती है। अर्थात शारीरिक दोष हो सकता है।

सूर्य ग्रहण के कुप्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को तुलसी दल को जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ कर सकती हैं।

तुसलीदल डालकर ही पानी पीना चाहिए। इस दिन के लिए गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि जो पानी पिएं उस पूरे पानी में एक तुलसीदल डालकर रख दें और उसी का सेवन करें

इस दौरान गर्भवती महिलाओं को मानसिक जप करना चाहिए। अर्थात मन ही मन प्रभु का स्मरण करते रहें। इससे गर्भस्थ शिशु के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता है।

सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद गर्भवती महिलाएं स्नान जरूर करें और दूसरे धुले वस्त्र पहन लें।

ग्रहण समाप्त होने के बाद दान-पुण्य अवश्य करें। आचार्यों की मानें तो सफेद वस्तु का दान अवश्य करें। (फोटो प्रतीकात्मक है)

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)