उन्होने अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखा और मांगों के पूरा होने पर ही जाने की बात कही.
‘डायल-112’ पर 5 बार कॉल किया, लेकिन एक बार भी संपर्क नहीं हो सका.
प्रत्यक्षदर्शी ने ये भी दावा किया है कि अगर समय पर प्रशासन की मदद मिल जाती तो बस में सवार लोगों को बचा सकते थे.
ह दूसरी ड्रेस पहन कर आ गई. इस पर उसे प्रबंधक ने लात-घूंसों से मारा, जिससे उसके नाक से खून बहने लगा.
पुलिस को एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी मिला है. मामले की जाँच जारी है।
यह मामला उत्तर प्रदेश के आगरा थाना कोतवाली क्षेत्र से सामने आया है.
मार्च में ट्रांस यमुना पुलिस से की गई थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई अगर पुलिस सुन लेती तो शायद गौरव आज जिंदा होता.
छत पर आने जाने वाले लोगों के पैर बाबा साहब की तस्वीर के ऊपर पड़ रहे हैं। इसी का विरोध करने वे पहुंचे थे.
उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. साथ हा विश्वविद्यालय प्रशासन के नकल विहीन परीक्षा कराने के दावे हवा में उड़ गए हैं।
ये बहस इतनी बढ़ी कि बात हाथापाई तक पहुंच गई और फिर लाठी-डंडे भी चले.