या देवी सर्वभूतेषु मां कालरात्रि रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना
कात्यायनी शुभं दद्यादेवी दानव घातिनी
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥
शरीर व मन, दोनों ही शुद्ध होता है, तभी मां की कृपा भक्तों को प्राप्त होती है।
मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की पूजा करने से घर के साथ ही मन में भी शांति बनी रहती है। इसी के साथ परिवार का कल्याण भी होता है।
Navratri: कन्या को हलवा-पूड़ी आदि का भोज कराने के बाद कंघा, हेयर ब्रश, हेयर क्रीम या बैंड उपहार मे दें।
दधना कर पद्याभ्यांक्षमाला कमण्डलम, देवी प्रसीदमयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा
दो वर्ष की कन्या का पूजन करने के बाद भोजन कराने से घर में दुख और दरिद्रता नहीं आती।
Navratri Special: नवरात्र चाहे शारदीय हो या चैत्र, मां भगवती को दोनों ही नवरात्र के दिनों में एक से ही…
वंदे वांछित लाभाय चंद्रार्धकृत शेखराम।
वृषारूढ़ा शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम।