आस्था सिंह के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें वह कहती दिख रही हैं कि जिसके साथ उनकी बहस हुई वह ग्राहक नहीं था बल्कि महिला बैंक कर्मी के पति थे.
सभी आरोपी ब्राह्मण समाज से ही हैं. इस तरह से शख्स ने पूरे गांव के ब्राह्मणों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है.
ब्राह्मण समाज की महिलाओं पर लाठीचार्ज किया बल्कि इस कड़ाके की ठंड में वाटर कैनन से पानी की बौछार कर विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की.
यह एक औपचारिक पत्र है, न कि किसी सख्त कार्रवाई का प्रमाण।
सामान्य प्रशासन विभाग ने उनके कार्यालय लौटने का चार दिनों तक इंतजार किया लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए. इस पर उनको पहले वाट्सऐप के माध्यम से नोटिस भेजा गया.
सभी संगठनों ने बयान को ‘संविधान का अपमान’ और ‘सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाला’ बताया।
जब तक कि मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे संबंध नहीं बना दे.
उन्हें अच्छे लोग नहीं मिलते और वे मुझे इसलिए पसंद नहीं करते क्योंकि मैं सच बोलती हूं.
उनके इस बयान का कांग्रेस ने विरोध किया है तो वहीं तो वहीं उनकी खुद की पार्टी यानी भाजपा ने उनके इस बयान से किनारा कर लिया है.
बैठक में सरोज दुबे को कार्यकारिणी गठन करने का अधिकार भी दिया गया है.