मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उन्होंने जिस साहस और शौर्य का परिचय दिया था, वह आज भी हमारे वीर-वीरांगनाओं के लिए पथ-प्रदर्शक बना है।

 जन सुनवाई में प्राप्त हुये 37 प्रकरणों में से 09 का मौके पर हुआ निस्तारण, शेष प्रकरणों के निस्तारण के लिए समय-सीमा की गयी निर्धारित.

भिक्षायापन करने वाले ऐसे समस्त बालक व उनके परिवारजनों को अच्छे जीवन यापन के लिए मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप लाभान्वित किया जा सके।