ये भी कहा कि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मै यहां अपनी शोक संवेदना प्रकट करने आया था.

गुरु गोविंद सिंह के दो बच्चों को चुनवा दिया गया संविधान के लिए नहीं धर्म के लिए उन्होंने अपने प्राण दे दिए.