अंधविश्वास फैलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि समय पर इलाज जरूरी है. डाक्टर ने दोबारा जांच की बात भी कही है.

घटना ने एक बार फिर लोन ऐप्स की वसूली और मानसिक उत्पीड़न को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

स्थानीय लोगों के बीच चर्चा हो रही है कि सास का उसके दामाद के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे लेकिन किसी को पता नहीं चला.

जिला मजिस्ट्रेट की कोर्ट में अपील की गई थी जहां पर पक्ष को सबूत पेश करने के लिए कहा गया था लेकिन वे कोई सबूत पेश नहीं कर पाए.

संत रामपाल साल 2014 के एक हिंसा मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 10 अप्रैल को हरियाणा के हिसार जिले की जेल से बाहर आया है.