बिहार में भखरा यानी नारंगी सिंदूर को लगाने के पीछे का तर्क बेहद अनुठा और अचरज से भर देने वाला है. अक्सर शादियां देर रात तक शुरू होती हैं और पूरी होते होते सुबह हो जाती है.

इस एकादशी को तुलसी एकादशी भी कहते हैं। ये तो सभी जानते हैं कि तुलसी पौधे की महिमा वैद्यक ग्रंथों के साथ-साथ धर्मशास्त्रों में भी बढ़-चढ़कर की गई है।

वायरल वीडियो में वह कहते दिखाई दे रहे हैं कि अगर जात-पात खत्म करना चाहते हैं तो अपने नाम के आगे या फिर पीछे हिंदू लिखना शरू कर दें.

माताएं अपनी संतान की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत करती हैं और रात में तारों को अर्घ्‍य देने के बाद व्रत का पारण करती हैं।

Hartalika Teej: भाद्रपद मास शुक्ल की तृतीया को सनातन यानी हिंदू धर्म में हरतालिका तीज (तीजा) व्रत का त्योहार मनाया…