जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है.

उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी. इसलिए मकर संक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है.

धनु राशि- जल में हल्दी, केसर, पीले पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें व गुड़ दान करें।