कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर भगवान विष्णु जी की पूजा के साथ ही भगवान शिव की पूजा का भी विधान है.
आपको माता लक्ष्मी दें इतना, दिन रात व्यापार बढ़ जाए दोगुना, भगवान विष्णु की भी बनी रहे कृपा, कुबेर जी आपके बैंक-बैलेंस को कर दें कई गुना.
इस पर भगवान ने किसान से कहाकि इन्हें कौन जाने देता है. लेकिन ये तो चंचला हैं, कहीं ठहरती ही नहीं है. इनको बड़े-बड़े नहीं रोक सके. इनको मेरा श्राप था.
मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम।।
धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति खरीदना बेहद शुभ होता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।
करवा चौथ के त्योहार को लेकर हर सुहागिनों का मन उमंग से भरा होता है. इस त्योहार के कई दिन पहले से ही सुहागिनें खरीदारी शुरू कर देती हैं.
आपके घर में हो धन की बरसात,
लक्ष्मी जी हमेशा करती रहें वास।
माना जाता है कि इस रात सूई में धागा पिरोने का अभ्यास करने से नेत्रज्योति बढ़ती है।
शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा के साथ अश्विनी कुमारों को भी खीर का भोग लगाना चाहिए.
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि, मान्यता है कि रासोत्सव का यह दिन वास्तव में भगवान श्रीकृष्ण ने जगत की भलाई के लिए निर्धारित किया था।