एक आधिकारिक बयान जारी कर इन आरोपों को पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के विपरीत बताया है.
2025 में जबलपुर के दीपक वृंदावन आ गए थे और संत प्रेमानंद महाराज को गुरु मानकर उनका अनुसरण कर रहे थे.
ये सब राधा नाम का खेल है. ये राधा नाम का चमत्कार है जो लोगों को अपनी ओर घसीटते हैं.
देखने में अत्यंत अद्भुत और लुभावनी होती है. यह एक प्राचीन मूर्तिकला तकनीक है जो भारत में काफी प्रचलित है.
भारत को मजबूत देश बनाएं ताकि भगवान की कृपा बरसे और पापाचरण खत्म हो जाए.
वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानन्द महाराज ने ये संदेश देशवासियों को दिया है और कहा है कि कपड़ा फाड़ होली न खेले.
इसी के साथ ही वह सलाह देते हैं कि साग-सब्जी अनाज आदि खाओ ताकि आप स्वस्थ्य रह सकें.
प्रेमानन्द महाराज ने फौजी भाइयों पर खूब प्रेम लुटाया और फौजी भाइयों को नमस्कार किया.
महाराज जी ने प्रभु के नाम का स्मरण करने की सलाह दी.
पत्नी को धर्मपत्नी कहा गया है इसलिए धार्मिक कार्यों का फल जरूर पति को मिल सकता है.