इस पर दीपांशु ने ऐसा करने से इनकार करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ही चुनावी मैदान में कूद गए और खुलकर बगावत की.
आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण कर्ज लेकर तुरंत उसे फर्रुखाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
शिकायत करने लगी लेकिन उन्होंने उसकी बात नहीं सुनी और दूसरे बच्चों की शिकायतों में पूरा मामला गया.
सभी चयनित विद्यार्थियों का चयन कस्टमर सर्विस रिप्रेज़ेंटेटिव के पद पर हुआ है।
छात्रा गणित विषय की परीक्षा दे रही थी. इसी दौरान उसने पेट में तेज दर्द की शिकायत की और फिर शौचालय जाने की अनुमति मांगी.
कुछ का कहना है कि जब आपकी पढ़ाई का साया शादी के मंडप तक पहुंच जाए.
तुम कौन होती हो मुझसे सवाल करने वाली? इतना कहने के तुरंत बाद ही उसने शिक्षिका के गाल पर थप्पड़ जड़ दिए.
वह ‘ब्रेनवॉश’ हो गया था और टास्क पूरा करने के दबाव में उसने ये हरकत कर दी.
ह दूसरी ड्रेस पहन कर आ गई. इस पर उसे प्रबंधक ने लात-घूंसों से मारा, जिससे उसके नाक से खून बहने लगा.