उनके इस साहसपूर्ण कार्य की सदैव प्रशंसा की जाएगी. आज आवश्यकता है कि पटेल जी के त्यागमय जीवन और कार्यों से प्रेरणा ली जाए.

एमबीए एकीकृत एवं एमटेक एकीकृत को सत्र 2025-26 में पाठ्यक्रम पूरा करने की अनुमति दी गयी है.

परीक्षा खत्म होने के बाद उसने अपनी उत्तर पुस्तिका कक्ष निरीक्षिका को जमा की और फिर तुरंत बाद अपनी सीट पर ही बेहोश होकर गिर गया.