गौर से देख लो, मैं हूं. तीन दिन से मरने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन शरीर से जान बहुत मुश्किल से निकल रही है.

हिंदू आध्यात्मिक एवम सेवा संस्थान कानपुर नगर के अध्यक्ष संजीव दीक्षित ने बताया कि “आज अतिथि सत्कार की भावना लगभग समाप्त हो चुकी है.