2025 में जबलपुर के दीपक वृंदावन आ गए थे और संत प्रेमानंद महाराज को गुरु मानकर उनका अनुसरण कर रहे थे.
वहीं राधा जी का आशीर्वाद मिलता है जिससे जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
जन्माष्टमी के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। इस उपाय से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। ये उपाय करने वाले की हर इच्छा पूरी होती है।
व्रत के दौरान मन को शांत रखें और दिन भर लड्डू गोपाल के नाम का जप करें.
ये सब राधा नाम का खेल है. ये राधा नाम का चमत्कार है जो लोगों को अपनी ओर घसीटते हैं.
राष्ट्रपति ने संत के प्रवचन और उपदेशों को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना.
अपील भी की है तो वहीं दूसरी ओर इस सम्बंध में वन विभाग की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है.
पत्नी को धर्मपत्नी कहा गया है इसलिए धार्मिक कार्यों का फल जरूर पति को मिल सकता है.
प्रवचन करने वाला अंदर से अध्यात्म से जुड़ा हुआ हो. इससे निश्चित कल्याण हो जाएगा.
अगर दो लोग शादी करना चाहते हैं माता-पिता को उनको आशीर्वाद देना चाहिए और उनका विवाह करा देना चाहिए.