ये सब राधा नाम का खेल है. ये राधा नाम का चमत्कार है जो लोगों को अपनी ओर घसीटते हैं.
राष्ट्रपति ने संत के प्रवचन और उपदेशों को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना.
अपील भी की है तो वहीं दूसरी ओर इस सम्बंध में वन विभाग की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है.
पत्नी को धर्मपत्नी कहा गया है इसलिए धार्मिक कार्यों का फल जरूर पति को मिल सकता है.
प्रवचन करने वाला अंदर से अध्यात्म से जुड़ा हुआ हो. इससे निश्चित कल्याण हो जाएगा.
अगर दो लोग शादी करना चाहते हैं माता-पिता को उनको आशीर्वाद देना चाहिए और उनका विवाह करा देना चाहिए.
दो दिन पहले ही महराज जी को स्वस्थ्य बताया गया था तो वहीं अब ताजा वीडियो भी सामने आया है. इसके बाद उनके श्रद्धालुओं में हर्ष की लहर दौड़ गई है.
इसकी वजह से ही उनका मन इस कदर टूट गया कि उन्होंने गांव ही छोड़ दिया.
प्रेमानंद महाराज ने इस विवाद को लेकर कहा कि जब हमको विरोध सुनने को मिला तो, मेरा कार्य है कि सभी को सुख देना.