Lucknow: राजधानी में बत्तर है परिषदीय स्कूलों की स्थिति, नगर क्षेत्र के ही 52 स्कूल बंद, नवनिर्वाचित अध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने स्कूलों को खुलवाने का उठाया बीड़ा, देखें शिक्षकों से क्या किया वादा, जानें समस्याएं
लखनऊ। जब उत्तर प्रदेश की राजधानी के नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों और शिक्षकों का हाल बुरा है तो आप सोच सकते हैं कि प्रदेश के अन्य जिलों के बेसिक स्कूलों का क्या हाल होगा। फिलहाल रविवार को उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा महानगर क्षेत्र लखनऊ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने बड़ा मुद्दा उठाते हुए नगर नगर क्षेत्र में शिक्षकों की कमी के चलते बंद चल रहे 52 स्कूलों को खुलवाने का बीड़ा उठाया है।
बता दें कि रविवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा महानगर क्षेत्र लखनऊ का निर्वाचन शिक्षक भवन रिसालदार पार्क, लालकुआं, लखनऊ में संपन्न हुआ। प्रदेश संगठन द्वारा निर्धारित समय 9:00 से 10:00 तक केवल अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष के पद का एक-एक नामांकन पत्र ही प्राप्त हुआ जांच में तीनों नामांकन पत्र वैध पाए गए। उसके उपरांत निर्वाचन पर्यवेक्षक सुधांशु मोहन तथा निर्वाचन अधिकारी वीरेंद्र सिंह द्वारा संदीप सिंह को अध्यक्ष, अभय प्रकाश को मंत्री तथा सैय्यद अब्बास रजा़ जैदी को कोषाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। इस अवसर पर नगर क्षेत्र के सभी 197 सदस्य शिक्षक उपस्थित रहे। प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेश शर्मा और महामंत्री संजय सिंह द्वारा महानगर क्षेत्र के अध्यक्ष मंत्री को जीत की बधाई दी गई।
शिक्षकों से उनकी समस्या को दूर कराने का किया वादा
इस मौके पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष संदीप सिंह ने कहा नगर क्षेत्र में 52 विद्यालय बंद चल रहे हैं उनको संचालित कराने के लिए मैं एड़ी चोटी का जोर लगा दूंगा। इसके लिए आपका सहयोग जरूरी है। मैंने उन्हें आश्वस्त कर दिया है जहां मेरी आवश्यकता हो मैं आपके साथ खड़ा रहूंगा नगर क्षेत्र में वर्तमान समय में शिक्षकों की बहुत बड़ी समस्या है जिसके तहत बहुत से शिक्षकों को बीएलओ में लगा दिया गया है, जिसकी वजह से विद्यालय बंद हो गए हैं।
इसी के साथ उन्होंने शिक्षकों के चयन वेतनमान प्रोन्नत वेतनमान को पूर्ण रूप से दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने ये भी कहा कि लगभग 12 साल हो गए लखनऊ जनपद में शिक्षकों की पदोन्नति, जिनकी नहीं हुई है, दिलाने का प्रयास करुंगा। बता दें कि लखनऊ नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों की स्थिति बहुत खराब है। 60-65 स्कूल तो केवल एक ही शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। इसी के साथ दो-दो स्कूलों की जिम्मेदारी भी एक शिक्षक उठा रहे हैं। इस मौके पर संदीप कुमार सिंह ने बताया कि 2004 के बाद जनपद लखनऊ में शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान नहीं दिया गया है जबकि प्रोन्नत वेतनमान हर वर्ष 20% शिक्षकों को देना चाहिए।