प्राथमिक स्कूल का टीचर शिक्षिका पत्नी के साथ बना लुटेरा…भाई के साथ मिलकर चला रहा था गैंग

April 11, 2026 by No Comments

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Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां के माल थाना क्षेत्र में जेहटा मार्ग काकराबाद में सर्राफ सुभाष चंद्र मौर्या और उनकी पत्नी के साथ हुई पांच लाख की लूट में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. दरअसल ये लूट शिक्षक दंपति द्वारा चलाए जा रहे गैंग ने की थी और इस लूट की भी वजह सामने आई है.

आरोपी महिला कालीचरण इंटर कॉलेज की शिक्षिका है तो वहीं बदायूं के प्राथमिक विद्यालय में तैनात उसका पति अपने भाई के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम देता था. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से 29 हजार रुपये, कुछ जेवर, आठ मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त एसयूवी बरामद की है. 1.90 लाख रुपये बैंक में जमा करने की पर्चियां भी पुलिस को मिली हैं.

पुलिस का बयान

पुलिस उपायुक्त उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार लुटेरों में गोलागंज निवासी शिक्षिका दानिशा फातिमा, उसका पति शिक्षक मो. अफसर और महिला का देवर मो. अजमल हैं. ये सभी मूल रूप से संतकबीरनगर जनपद के मेहंदावल गुलरिया में कसौना खुर्द गांव के रहने वाले हैं.

accused teacher

आरोपी शिक्षक

सर्राफा व्यापारी के साथ की थी लूट

डीसीपी ने मीडिया को जानकारी दी कि काकोरी के कुश्मौरा निवासी सुभाष चंद्र मौर्य ने पांच लाख रुपये की लूट का मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस इसी मामले में छानबीन कर रही थी. सुभाष ने पुलिस को जानकारी दी थी कि उनकी समर ज्वैलर्स के नाम से दुकान है. वह 5 अप्रैल को पत्नी मिथलेश के साथ स्कूटी से पांच लाख रुपये लेकर चौक सर्राफा बाजार जेवर लेने के लिए जा रहे थे.

इसी दौरान उनके पास शिक्षिका का फोन आया और उसने कीमत में जेवर मुहैया कराने की बात उनसे कही. इस पर वह पत्नी के साथ रुपये लेकर जेहटा रोड पर पहुंचे तो वहां पर एसयूवी में दानिशा फातिमा, मो. अफसर और उनका साला अजमल सवार था. उन्होंने सोने का एक टुकड़ा दिखाया और फिर कुछ अन्य जेवर भी दिखाए.

सुभाष ने बताया कि जेवर में उनको कुछ आशंका लगी. इस पर उन्होंने जेवर लेने से इंकार कर दिया और फिर चलने लगे. सुभाष ने बताया कि जैसे ही वे पत्नी के साथ आगे बढ़े तो कार सवार आरोपियों ने झपट्टा मार कर उनके रुपये का बैग लूट लिया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले.

डीसीपी ने आगे बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद एसीपी मलिहाबाद सुजीत कुमार दुबे के निर्देशन में क्राइम और थाने की टीम को घटना के खुलासे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. पुलिस टीम ने सर्विलांस और सीसी फुटेज के जरिए साक्ष्यों का संकलन किया और फिर  तीनों आरोपियों के बारे में जानकारी निकाली. इसी के बाद दानिशा को उसके पति और देवर के साथ गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस ने ये चीजें की बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से 29 हजार के साथ ही सोने के दो कंगन, 1.90 लाख रुपये बैंक में जमा करने की पर्चियां, 16 सिमकार्ड और कुछ नकली जेवर के साथ ही एसयूवी बरामद की है.

दो महीने से स्कूल नहीं जा रही थी शिक्षिका और पति छह माह पू‌र्व निलंबित

एसीपी सुजीत कुमार दुबे ने मीडिया को जानकारी दी कि दानिशा फातिमा कालीचरण इंटर कॉलेज में ऊर्दू की शिक्षिका है लेकिन वह दो महीने से स्कूल नहीं जा रही थी तो वहीं मो. अफसर बदायूं के एक प्राथमिक विद्यालय में टीचर था लेकिन किसी वजह से उसे निलम्बित कर दिया गया था. इसी के बाद से दोनों ठगी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने लगे थे. अफसर के खिलाफ विभिन्न जिलों में कई मुकदमे दर्ज हैं.

इसलिए कर रहे थे लूट और टप्पेबाजी

एसीपी ने बताा कि लुटेरे शिक्षक दंपति ने पूछताछ में बताया है कि उन्होंने 50 लाख रुपये लोन लिया था और इसी को चुकाने के लिए वह लूट कर रहे थे क्योंकि फाइनेंस कंपनी के लोग उन पर लोन चुकाने का दबाव बना रही थी.

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