Diwali 2024: जानें मिलावटी खोए से बनी मिठाई खाने से क्या-क्या होती हैं बीमारियां? मिलाए जाते हैं ये केमिकल
Diwali 2024: दिवाली 31 अक्टूबर को है और इससे पहले धनतेरस और छोटी दीपावली को देखते हुए मिठाई, पटाखों व दीयों आदि से पूरा बाजार सज कर तैयार हो गया है. तो वहीं हर बार की तरह इस बार भी मिलावटी खोए से बनी नकली मिठाईयां भी बाजाप में धड़ल्ले से बिक रही हैं. हालांकि एक वक्त ऐसा था जब लोग घरों में ही तमाम तरह की मिठाइयां तैयार कर लेते थे लेकिन अब अधिकांश लोग बाजारों की मिठाई पर ही निर्भर हो गए हैं. तो वहीं दुकानदार भी जमकर ग्राहकों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. नकली मिठाई बेचकर रुपया तो कूट ही रहे हैं लोगों को बीमारी जो दे रहे हैं सो अलग. इसलिए त्योहार आपकी सेहत के लिए श्राप न बन जाए, थोड़ा सावधान हो जाएं.
चांदी के वर्क की मिठाई जरूर करें चेक
मालूम हो कि दुकानों पर चांदी के वर्क के नाम से बेचे जाने वाली अधिकांश मिठाइयों में चांदी की जगह पर एल्यूमीनियम का वर्क चढ़ा होता है जो कि सेहत के लिए बेहद खतरनाक है. इसकी पहचान इस तरह कर सकते हैं- अगर अंगुली में रगड़ने पर ये छाप छोड़े तो समझो की ये नकली है व अंगुली रगड़ने पर वर्क गायब हो जाता है. ये तो सभी जानते हैं कि दूध में भी मिलाटव होती है. मुनाफाखोर दूध में यूरिया तक मिला देने से गुरेज नहीं करते, ऊपर से इसी दूध का खोया बनाकर और भी केमिकल मिला रहे हैं जिससे हमारी सेहत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है.
जानें क्या-क्या मिलाया जाता है खोए में?
बता दें कि कम लागत लगा कर अधिक से अधिक मुनाफा कमाने की लालच में दुकानदार खोए में खतरनाक केमिकल तक मिला रहे हैं. कागज़, रिफाइंड तेल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, यूरिया, स्टार्च, माल्टोडेक्सट्रिन, सोडियम क्लोराइड, डिटर्जेंट, हाइड्रोजन पेरोक्साइड और फॉर्मलाडेहाइड से लेकर न जानें क्या-क्या खोए में मिलाया जा रहा है. ये सभी चीजें स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं और इससे शरीर रोगों का घर हो सकता है.
बढ़ रहा है कैंसर का खतरा
यही नहीं दुकानदार इस हद तक मुनाफा कमाने की चाह रखते हैं कि वे कई दिनों के रखे हुए खोए को गरम कर उसे ताजा बनकर बेच देते हैं. तो वहीं रंगों का इस्तेमाल भी खतरनाक है. हालांकि खाने वाले रंग का यूज हो तो यह घातक नहीं है लेकिन अधिक से अधिक मुनाफा कमाने और कम लागत लगाने के चक्कर में दुकानदार मिठाइयों में सामान्य रंगों का भी इस्तेमाल कर लेते हैं, जबकि इनमें कार्बन व भारी मेटल होते हैं. इसके चलते एलर्जी, अस्थमा बीमारी होती है. लंबे समय तक ऐसी मिठाई खाने से कैंसर भी हो सकता है. ऐसे में सबसे जरूरी है कि जांच परख कर ही खाद्य पदार्थ खरीदें. कोशिश करें कि घर पर ही मिठाइयां बनाएं.
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