Dhanteras-2024: धनतेरस पर 100 साल बाद बना ये दुर्लभ संयोग…करें ये आसान उपाय साल भर माता लक्ष्मी की बनी रहेगी कृपा; जानें पूजन-खरीदारी मुहूर्त

October 28, 2024 by No Comments

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Dhanteras-2024: कार्तिक मास की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है. ये दीवाली के आने की सूचना देता है. इस दिन दीवाली के लिए लोग खरीदारी करते हैं. मान्यता है कि इस दिन सोने-चांदी व बर्तन-कपड़े से लेकर किसी भी नई चीज की खरीदारी करने साल भर धन का आवागमन बना रहता है और लक्ष्मी जी प्रसन्न रहती हैं. इसे धन्वन्तरि जयंती एवं धन त्रयोदशी (धनतेरस) भी कहा जाता है।

इस बार सनातन धर्म का यह त्योहार 29 अक्टूबर 2024 यानी कल यानी मंगलवार को पड़ रहा है. आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री कहते हैं कि इस दिन को लेकर मान्यता है कि इस दिन समुद्र मन्थन में जिस कलश के साथ भगवती लक्ष्मी का अवतरण हुआ था उसी के प्रतीक स्वरूप ऐश्वर्य वृद्धि के लिये बर्तन इत्यादि सोना, चांदी, चांदी सिक्का, गणेश, लक्ष्मी, कुबेर, हनुमान आदि ईष्ट देव की मूर्ति, गहने आदि खरीदने की प्राचीन परम्परा चली आ रही है। पिछले साल की तरह ही इस बार भी धनतेरस पर शुभ योग एक साथ आ रहे हैं.

ज्योतिष गणना के अनुसार इस साल धनतेरस पर 100 साल बाद त्रिग्रही योग यानी त्रिपुष्कर योग, इंद्र योग, वैधृति योग और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इन योगों के शुभ प्रभाव के साथ कुछ चीजों की खरीदारी से साधक की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

इसी दिन समुद्र से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे धन्वन्तरि भगवान

माना जाता है कि इस दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्वति के जन्मदाता धन्वन्तरि वैद्य समुद्र से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. यही वजह है कि धनतेरस के दिन धन्वन्तरि जयंती भी मनाई जाती है. इस दिन वैद्य-हकीम से लेकर ब्राह्मण समाज भगवान धन्वन्

पूजा का शुभ मूहूर्त

त्रयोदशी तिथि प्रारंभ- 29 अक्तूबर सुबह 10:31 मिनट से
त्रयोदशी तिथि का समापन- 30 अक्तूबर 2024 दोपहर 01:15 तक
ज्योतिष एवं वास्तुविर्ज्ञान केंद्र उज्जैन के ज्योतिषाचार्य कमलकांत कुलकर्णी के मुताबिक धनतेरस पर रात 7 बजकर 30 मिनट से लेकर 9 बजकर 20 मिनट तक पूजा का शुभ मूहूर्त है. तो वहीं आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि प्रदोष काल मुहूर्त- शाम 05 बजकर 37 मिनट से लेकर 08 बजकर 12 मिनट तक. इसके अलावा वृषभ काल मुहूर्त- शाम 06 बजकर 30 मिनट से लेकर 08 बजकर 26 मिनट तक है.

खरीदारी मुहूर्त

आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री के मुताबिक, धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त (सुबह)- 09 बजे से लेकर दोपहर 01 बजकर 30 मिनट तक तो वहीं शाम को 07 बजकर 25 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 55 मिनट तक सोना-चांदी का खरीदारी कर सकते हैं. हालांकि इस दिन लोग देर रात तक भी खरीदारी करते हैं.

धनतेरस पर इस करें पूजा, जानें क्या है महत्व

मालूम हो कि धनतेरस से ही पांच दिनों तक चलने वाला दीवाली का उत्सव शुरू हो जाता है. धनतेरस पर जहां खरीदारी, निवेश और नया कार्य करने के लिए विशेष महत्व होता है। तो वहीं दीपावली के दिन पूजा को महत्व दिया गया है. मान्यता है कि धनतेरस पर खरीदारी करने और शुभ कार्य करने पर इसमें कई गुना फल मिलता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा होती है।

आचार्य बताते हैं कि धनतेरस का पर्व प्रदोष व्यापिनी तिथि में मनाने का विधान है। इस दिन परिवार में आरोग्यता के लिए घर के मुख्य दरवाजे पर यमदेव देवता का ध्यान करके दक्षिण दिशा पर दीपक स्थापित करना चाहिए। इसी के साथ ही प्रदोष काल में ‘ॐ नमो भगवते धन्वंतराय विष्णुरूपाय नमो नमः। मंत्र से षोडशोपचार विधि द्वारा पूजन अर्चन करना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से परिवार में दीर्घायु और आरोग्यता बनी रहती है।

धनतेरस पर करें ये उपाय

पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक धनतेरस के दिन सूखी खड़ी धनिया खरीद कर घर पर लाना शुभ माना गया है. इसी के साथ ही इस धनिया को अपने घर के किसी गमले में डाल दें. तो वहीं यही धनिया धन की देवी मां लक्ष्मी और कुबेर देवता के चरणों में भी अर्पित करनी चाहिए। मान्यता है कि इससे व्यापार में धन लाभ के योग बनते हैं।

धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति खरीदना बेहद शुभ होता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।

धनतेरस के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोना-चांदी से बने आभूषण खरीदने को बेहद शुभ माना गया है लेकिन इस दिन अपनी क्षमता व जरूरत के मुताबिक, कुछ भी नया खरीद सकते हैं. माना जाता है कि धनतेरस पर कुछ भी नया घर में आने से साल भर धन की देवी माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.

मत्स्य पुराण के अनुसार धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से घर में बरकत होती हैं। हिंदू धर्म में झाडू़ को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसकी खरीदारी से आर्थिक लाभ की संभावना बनी रहती हैं।

धनतेरस के दिन लक्ष्मी चरण को घर लाना और भी लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी के चरणों को घर में लाना उन्हें घर में निमंत्रण देने के समान होता है। इससे देवी प्रसन्न होती हैं।

DISCLAIMER:धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों के आधार पर धार्मिक विवरण दिया गया है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)

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