Lucknow University: ZSI ने कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को मानद फैलोशिप से किया सम्मानित
Lucknow University: लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग ने “इनॉवेशन इन लाइफ साइंसेज़ फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट” (ILSSD-2025) के अंतर्गत आज के दिन को शैक्षणिक उपलब्धियों और वैश्विक सहयोग की दृष्टि से अत्यंत सफल बनाया।
इस अवसर पर 27 आमंत्रित व्याख्यान, 69 मौखिक प्रस्तुतियाँ, और 100 पोस्टर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें भारत सहित विश्व के कई देशों के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विश्वविद्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस दिन की विशेष उपलब्धि यह रही कि कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ZSI) की ओर से मानद फैलोशिप प्रदान की गई. यह सम्मान उनके अद्वितीय शैक्षणिक नेतृत्व और संस्थागत विकास में योगदान के लिए दिया गया।
सत्रों की अध्यक्षता प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों ने की. इस दौरान प्रो. बी.डी. जोशी, प्रो. पद्मा सक्सेना, प्रो. जी.एन. वर्मा, प्रो. मधु त्रिपाठी, प्रो. एस.पी. त्रिवेदी, प्रो. जे.के. श्रीवास्तव, प्रो. जसवंत सिंह, प्रो. सिद्धार्थ मिश्रा, प्रो. एम. सिराजुद्दीन, प्रो. मोनिशा बनर्जी, प्रो. शैली मलिक, प्रख्यात शोधकर्ता डॉ. एम.जी. रघुनाथन, डॉ. ए.के. दास, डॉ. ए.के. पांडे, डॉ. संजीव नायक, डॉ. कल्पना सिंह और डॉ. राजेश खरवार शामिल रहे।
जर्मनी के प्रख्यात विद्वान प्रो. उलरिच बर्क ने इस अवसर पर वैज्ञानिक विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक सहयोग के लिए ऐसे सम्मेलनों के महत्व को रेखांकित किया।
सम्मेलन संयोजक प्रो. एम. सिराजुद्दीन ने बताया कि इस सम्मेलन में भारत सहित एशिया, यूरोप, अमेरिका और ब्रिटेन से प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो ILSSD-2025 की वैश्विक पहुंच और प्रभाव को दर्शाता है।
जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (ZSI) की ओर से प्रो. बी.एन. पांडे और जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ बांग्लादेश की ओर से प्रो. हमीदा खानुम ने सभी प्रतिभागियों और योगदानकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रो. पांडे ने डॉ. कमल जायसवाल को ZSI, गया के अगले अध्यक्ष के रूप में नामित करने की घोषणा की, जो भविष्य में संगठन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
जैसे-जैसे ILSSD-2025 आगे बढ़ रहा है, यह सम्मेलन सतत विकास और वैश्विक कल्याण की दिशा में प्रेरणादायक विचारों, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित कर रहा है।
सत्रों का संचालन डॉ. मनोज कुमार, डॉ. मधु गुप्ता, डॉ. आकांक्षा शर्मा, डॉ. हदीया हुसैन, डॉ. अशुतोष रंजन और डॉ. निधि मिश्रा द्वारा किया गया।