Lucknow: डा. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की दिव्यांग छात्रा का शव मिला फंदे से लटका हुआ, छात्रों ने जमकर किया हंगामा, लगाए प्रबंधन पर आरोप, कुलपति को हटाने की मांग
लखनऊ। मोहान रोड स्थित डा. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में बीएड द्वितीय सेमेस्टर की 26 वर्षीय दिव्यांग छात्रा अंजली का शव शनिवार रात हॉस्टल में फंदे पर लटका मिलने के बाद से छात्र-छात्राओं में आक्रोश व्याप्त हो गया है। विद्यार्थियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि अंजली का एक विषय में बैक आ गया था, जिस वजह से वह डिप्रेशन में चल रही थी। प्रबंधन ने उसे जानबूझ कर एक विषय में कम नंबर दिए।
ऐसे ही तमाम आरोपों के साथ विद्यार्थी देर रात तक मोहान रोड जाम कर हंगामा करते रहे और कुलपति को हटाने की मांग करते रहे। बवाल की सूचना पर कई थानों का पुलिस बल पहुंचा। देर रात तक छात्रों से पुलिस मान-मनौव्वल करती रही, लेकिन छात्र अपनी बात पर डटे रहे और जाम से नहीं हटे। इस मामले का वीडियो बनाकर भी छात्रों ने वायरल किया, जिसमें वे प्रबंधन के खिलाफ आरोप लगाते भी नजर आ रहे हैं।

गौरी गांव की रहने वाली थी अंजलि
विद्यार्थियों के अनुसार गोमतीनगर गौरी गांव में रहने वाले महेश प्रसाद यादव की बेटी अंजली विश्वविद्यालय से बीएड द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा थी। वह परिसर में स्थित हॉस्टल के कमरा नंबर 212 में रहती थी। जानकारी के मुताबिक शनिवार रात अंजली कमरे में थी। दरवाजा बंद था। इस बीच कुछ छात्राएं उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद होने पर काफी देर खटखटाती रहीं, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। इस पर खिड़की से अंदर देखा तो कमरे में अंजली को पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटका देख हैरान रह गईं और आनन-फानन में हास्टल और कालेज प्रबंधन को घटना की जानकारी दी।
जानकारी पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और अंजली को फंदे से उतार कर लोकबंधु अस्पताल ले गई। जहां, डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रों ने अंजली के परिवारजन को सूचना दी।
घटना से आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा शुरू कर दिया। सैकड़ों छात्र सड़क पर आ गए। उन्होंने मोहान रोड जाम कर दी। बवाल की सूचना पर इंस्पेक्टर दधिबल तिवारी कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने छात्र-छात्राओं को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। छात्र कुलपति को हटाने की मांग पर डटे हुए हैं। आरोप लगाया कि द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में एक विषय में जानबूझकर बैक लगा दिया गया। परीक्षा परिणाम आने के बाद से वह लगातार तनाव में थी। देर रात तक पुलिस अधिकारी छात्र-छात्राओं से मान-मनौव्वल करते रहे, लेकिन खबर लिखे जाने तक पुलिस को इस कार्य में सफलता नहीं मिली और छात्र देर रात तक जाम लगाए बैठे हुए हैं।