Aja Ekadashi: अजा एकादशी पर करें ये उपाय…धन समृद्धि का मिलेगा लाभ; कथा-Video
Aja Ekadashi: भादो मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहते हैं जो कि इस बार 7 सितंबर को रखा जाएगा. इस महीने ही भगवान विष्णु का कृष्ण अवतार में प्राकट्य हुआ था. इसलिए इस एकादशी का अलग ही महत्व है. इस व्रत से सत्यवादी हरिश्चंद्र की कथा जुड़ी हुई है. तो वहीं आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री कहते हैं कि अगर इस दिन कुछ उपाय कर लिए जाएं तो घर में सुख व धन समृद्धि के बढ़ने की सम्भावना रहती है.
मान्यता है कि इस व्रत को करने से पूर्व जन्म की बाधाएं दूर हो जाती हैं. इसे जया, कामिका एकादशी भी कहते हैं. इस एकादशी में भगवान विष्णु के उपेंद्र स्वरूप की पूजा की जाती है और रात जागरण किया जाता है.
उपाय
पद्म पुराण में अजा एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर गंगाजल से स्नान करें
माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं और एक लाल कपड़े में हल्दी की गांठ और सिक्का रखकर, ओम नमो भगवते वासुदेवाय इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें. तत्पश्चात इस पोटली को अपने धन रखने के स्थान पर रख दें.
पीपल के पेड़ की पूजा अवश्य करें. मान्यता है कि पीपल के पेड़ में देवताओं को वास होता है. एक जल में थोड़ी चीनी और कच्चा दूध मिलाकर पीपल के पेड़ में अर्पित करें.
तुलसी माता की पूजा करें. सुबह और शाम दोनों ही समय पर तुलसी माता को सामने घी का दीपक जरूर जलाएं और तुलसी माता की परिक्रमा करें.
किसी भी एकादशी में चावल, साबुदाना का केवन न करें. चावल खाने से एकादशी का पूरा फल नहीं मिलता.
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते न तोड़ें और तुलसी में जल भी अर्पित न करें. माना जाता है कि इस दिन माता तुलसी भी व्रत रहती हैं.
तामसिक भोजन न करें, क्रोध और विवाद से दूर रहें. दिन में सोने से परहेज करें. भगवान का नाम जप करें. एकाग्रता के साथ ही पूजा करें.
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)