जिला संगठन ने जिला विद्यालय निरीक्षक से भविष्य में इस प्रकार के तानाशाही पूर्ण आचरण से बाज आने की चेतवानी दी है.
यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में 17 से 19 फरवरी तक चलेगी।
इस कार्यक्रम में ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. समीर सरन, उपाध्यक्ष प्रोफेसर हर्ष पंत एवं ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के प्रमुख सदस्यों के साथ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय नई दिल्ली के अधिकारीयों की भी उपस्थिति रही।
आज का युग केवल तकनीकी प्रगति का नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों के साथ विकास का है.
इन सत्रों के अंतर्गत प्रतिभागी उन महत्वपूर्ण सवालों पर विचार करेंगे, जैसे – भारत को किन वैश्विक मुद्दों का नेतृत्व करना चाहिए?
विजेता टीम को विश्वविद्यालय की ओर से आइडिया की प्रोटोटाइप सहायता, आईपीआर सपोर्ट, मेंटॉरशिप, इन्क्युबेशन मदद सहित और भी पुरस्कार दिये जाएंगे।
शिक्षक नेताओं ने बताया कि अनेक विद्यालयों द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक को यू डायस पूरा करने के लिए फार्म एस.ओ. 02 तथा एस.ओ. 03 भेजे गए है.
मुख्य सत्रों के बाद, छात्र/छात्राओं, शोध विद्वानों और संकाय सदस्यों द्वारा लगभग 30 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें हरित अक्षय इलेक्ट्रॉनिक्स में अभिनव समाधानों पर चर्चा को बढ़ावा दिया गया।
बसंत ऋतु का असर न केवल बाहरी वातावरण पर होता है, बल्कि यह मानसिक स्थिति पर भी प्रभाव डालता है।
जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों/सदस्यों एवं वरिष्ठ, सक्रिय सहयोगी शिक्षक साथियों से अनुरोध है कि बैठक में ससमय उपस्थित होने का कष्ट करें।