Health Tips: गूथते वक्त आटे में मिलाएं ये 5 औषधीय चीजें…अमृत बन जाएगी रोटी; कंट्रोल होगा वजन और शुगर
Health Tips: अगर आप चाहते हैं कि आपके खाने की थाली पौष्टिक हो और आपका भोजन ऐसा हो कि आपका शरीर फिट और दुरुस्त रहे तो अपने खान-पान में थोड़ा बदलाव कर एक अच्छी सेहत पा सकते हैं. इसके लिए बहुत अधिक कुछ नहीं करना है बस सादे आटे के साथ ही यहां दिए जा रहे पांच चीजों का पाउडर भी मिला दीजिए और फिर उसकी रोटी खाइए. फिर देखिए आपके शरीर में क्या बदलाव होते हैं. इससे पाचन तंत्र तो दुरुस्त होगा ही साथ ही अपच, बदहजमी, ब्लोटिंग, गैस, खट्टी डकार, डायबिटीज, हृदय रोग आदि से भी बचाव होगा.
ये दावा किया है फेसबुक पर वायरल वीडियो में जिसे 40 प्लस मॉम नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. मालूम हो कि एक महिला हैं जो कि सौंदर्य टिप्स से लेकर हेल्दी लाइफ तक जीने की सलाह इस अकाउंट पर देती हैं. उन्होंने बताया है कि अगर आटे को पौष्टिक बनाना है तो एक अलग बर्तन में 2 चम्मच अजवाइन, 2 चम्मच अलसी के बीज, एक कप राजगिरे का आटा, सफेद तिल, 2 चम्मच साबुत धनिया लें और फिर इन पांचों चीजों को एक पैन में डालकर 2-3 मिनट के लिए भून लें.
इसके बाद हल्का ठंडा होने पर इसे मिक्सी में डालकर पीस लें. इस पाउडर को किसी कंटेनर में रख लें और जब भी आटा गूंथे को इसमें से आधा चम्मच ये पाउडर मिला दें. अगर आप चक्की से गेहूं पिसवाकर आटा लाते हैं तो फिर इन भूनी हुई पांचों चीजों को गेहूं में ही डाल दें और फिर चक्की में आटा पिसवा सकते हैं. इसके बाद आपको चार रोटी बनानी है तो आप इसमें आधा चम्मच ये पौष्टिक पाउडर डाल दें और आटा गूंथ कर रोटी बनाएं. माना जाता है कि इससे रोटी और भी पौष्टिक हो जाती है. इससे सेहत दुरुस्त रहती है और उम्र भी लम्बी होती है. इससे खाने के बाद आने वाली समस्याएं जैसे पेट दर्द, अपच, ब्लोटिंग, गैस आदि पेट से सम्बंधित समस्याओं से राहत मिलेगी. इसी के साथ ही अगर आप प्रॉपर नींद लेते हैं तो शारीरिक रूप से एक्टिव रहेंगे. कुछ समय एक्सरसाइज के लिए भी निकालें.
साबुत धनिया के लाभ
साबुत या खड़ा धनिया, इंसुलिन और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है. पाचन में सुधार करता है. ग्लूकोज के लेवल को कम करता है. पेशाब से संबंधित कोई समस्या है, तो सूखा धनिया इससे भी छुटकारा दिलाता है. शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान करता है.
अलसी
अलसी फ्लैक्स सीड्स है, इससे ज्वाइंट पेन में आराम मिलता है तो वहीं शुगर लेवल कंट्रोल होता है. फाइबर होने के कारण पेट साफ रहता है. साथ ही इसमें एंटी-कैंसर तत्व, ओमेगा 3 फैटी एसिड, हेल्दी फैट्स भी होते हैं जो कि वेट को कम करने का काम करता है. इससे दिल भी स्वस्थ्य रहता है. डायबिटीज के रोगियों को अलसी का सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि ये शुगर लेवल को कंट्रोल करता है.
सफेद तिल
ये तमाम पोषक तत्वों से भरा है साथ ही ऊर्जा का शानदार सोर्स है. माइक्रोन्यूट्रिएट्स और मैक्रोन्यूट्रिएंट्स शरीर के लिए जरूरी है. इसलिए इसकी पूर्ति सफेद तिल से की जा सकती है. इसमें कैल्शियम होता है. मेनोपॉज के लक्षण कम करते हैं. दिन भर बिना काम किए भी थकान, कमजोरी, आलसपन आदि को दूर करता है.
अजवाइन
ये तो सभी जानते हैं कि अजवाइन गैस, बदहजमी, ब्लोटिंग, अपच, पेट दर्द से राहत दिलाती है. इसी के साथ ही स्किन पर ग्लो लाने का काम भी अजवाइन करती है और पाचनतंत्र में सुधार आता है. इसी के साथ ही ये हार्ट के लिए हेल्दी है.
राजगिरा या अमरंथ
किसी भी राशन की दुकान पर यह आसानी से उपलब्ध रहता है. इसमें प्रोटीन होता है. आटे में राजगिरा का आटा मिलाने से ये डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करता है. कोलेस्ट्रॉल लेवल घटाता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है. ये भरपूर तरीके से मिनरल्स, विटामिंस, फाइबर से भरा होता है. ये शरीर में होने वाले सूजन को कम करने में मदद करता है. बालों को जड़ से मजबूती देता है. ऐसे में शाकाहारी खाने वाले लोगों के लिए प्रोटीन की ये पूर्ति करता है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं आयुर्वेद व सामान्य मान्यताओं के आधार पर दी गई है. किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य ले लें. खबरस्टिंग इसकी पुष्टि नहीं करता.
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