Indira Ekadashi katha: नींद टूटी तो पितरों की दुर्दशा देखी…पढ़ें इंदिरा एकादशी की कथा- Video

October 5, 2026 by No Comments

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Indira Ekadashi Katha: प्राचीनकाल में महिष्मती नगरी में इंद्रसेन नामक राजा राज्य करते थे. उनके माता-पिता का निधन हो चुका था. अचानक एक दिन रात में उनको सपना दिखाई दिया जिसमें उन्होंने देखा कि उनके माता-पिता यमलोक यानी नरक में पड़े हुए बहुत बहुत कष्ट भोग रहे हैं. जब नींद टूटी तो उनको अपने पितरों की दुर्दशा पर चिंता हुई.

इस बात की चिंता करते हुए उन्होंने विचार किया कि आखिर किस तरह से यम यातना से पितरों को मुक्त कराया जाए. इस पर सलाह लेने के लिए उन्होंने विद्वान ब्राह्मणों और मंत्रियों को बुलाया और अपने सपने के बारे में उनको जानकारी दी.

इस पर ब्राह्मणों ने कहा-हे राजन! यदि आप सपत्नीक इंदिरा एकादशी का व्रत करें तो आपके पितरों को मुक्ति मिल जाएगी. इस व्रत के दौरान शालिग्राम की पूजा करें और तुलसी दल जरूर चढ़ाएं. इसी के साथ ही 91 ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उनको दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें और विदा करें. ऐसा करने से आपके माता-पिता स्वर्ग चले जाएंगे.

इस पर राजा ने उनकी बात मान ली और पत्नी के साथ मिलकर इंदिरा एकादशी का व्रत किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. रात में वह जब मंदिर में सो रहे थे, तभी भगवान ने उनको दर्शन दिया और कहा- राजन! तुम्हारे व्रत के प्रभाव से तुम्हारे सभी पितर स्वर्ग पहुंच गए हैं. माना जाता है कि तभी से इस व्रत का महत्व बढ़ गया.

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DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)