Indira Ekadashi: तर जाते हैं सात पीढ़ियों के पितर…इंदिरा एकादशी पूजा में जरूर करें तुलसीदल का इस्तेमाल- Video

October 5, 2026 by No Comments

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Indira Ekadashi: अश्विन कृष्ण एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है. पित-पक्ष के दौरान पड़ने वाली इस एकादशी का बहुत ही अधिक महत्व माना गया है. मान्यता है कि ये एकादशी भटकते हुए पितरों को गति देने वाली होती है. इसीलिए इसका नाम इंदिरा एकादशी है। इस एकदशी का व्रत करने वाले के सात पीढ़ियों तक के पितर जाते हैं। इस एकादशी का व्रत करने वाला स्वंय मोक्ष प्राप्त करता है। इस बार इंदिरा एकादशी 6 अक्टूबर को है.

आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि इस एकादशी के व्रत और पूजा का विधान वही है जो अन्य एकादशियों के होते हैं लेकिन अंतर केवल इतना है कि इस दिन शालिग्राम की पूजा की जाती है। प्रात:काल स्नानादि से पवित्र होकर भगवान शालिग्राम को पंचामृत से स्नान कराकर भोग लगाना चाहिए तथा पूजा कर, आरती करनी चाहिए।

इसके बाद पंचामृत वितरण कर ब्राह्मणों को भोजन कराकर दक्षिणा देनी चाहिए. इस दिन पूजा तथा प्रसाद में तुलसी दल का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से पितर प्रसन्न होते हैं और पीढ़ियों को ढेरों आशीर्वाद देते हैं.

DISCLAIMER: यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)

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