28 मई को बाइक चलाने की बात पर असद और सूर्या का झगड़ा हुआ था. इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए थे लेकिन ये विवाद यहीं नहीं थमा था.
घरवालों का कहना है कि जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होता तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
मान्यता है कि इस दौरान किया गया जप-तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता. इसे अधिक मास भी कहा जाता है.
चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल और वस्त्र आदि दान करने का भी कहीं-कहीं चलन दिखाई देता है.
कीर्ति गूंजने लगी जो कि धीरे-धीरे पीढी दर पीढ़ी उनकी कथा के माध्यम से आज भी लोग सावित्री के पतिव्रत धर्म के बारे में जान रहे हैं.
भले ही भोजन न करें. इस दिन सत्तु बांटने से पुण्यफल की प्राप्ति होती है.
2026 में यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू होगी और 28 अगस्त तक चलेगी.
केवल सात्विक भोजन करें. साथ ही मांसाहार और नशीली वस्तुओं को भी पूरी तरह से एकादशी पर प्रतिबंधित करें.
जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है.
त्काल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के नाम चौराहे का सुंदरीकरण करने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करके अवगत कराया जाए.