घटना में जिस पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था उसका लाइसेंस सुरेंद्र सागर के नाम पर था.
आशीष कुमार गुप्ता ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ब्रेल आधारित गणित एवं विज्ञान शिक्षा को बेहतर बनाने पर कार्य किया है।
आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए खाना बनना था लेकिन अब बच्चों के लिए रोटी की व्यवस्था कैसे होगी ये तो जिम्मेदार ही जानें?
सच इस बारात के आगे लग्जरी गाड़ियां भी फीकी लग रही थी. जिस किसी ने भी ये बारात देखी वह तारीफ किए बगैर नहीं रह सका.
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है. स्थानीय लोगों ने भी आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि इस तरह की हरकत फिर से कोई और न कर सके और स्कूल का माहौल खराब न किया जाए.
उसकी आखिरी कोशिश भी नाकाम होती है. क्योंकि शरीर ही ऐसा हो चुका है कि वह कुछ बोल ही नहीं सके.
एक महिला घर-गृहस्थी के काम करने के साथ ही बिजनेस और नौकरी कर परिवार की आर्थिक मदद भी कर सकती है.
बच्चे भी झाड़ू लगाने के लिए मजबूर हैं क्योंकि वे गंदगी में बैठकर पढ़ना नहीं चाहते.
बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड जो कि जिले स्तर पर बच्चों के संरक्षण की समितियां है इनका भी कार्यकाल जून 2024 में खत्म हो चुका है