गोबर-गोमूत्र, गंगाजल, दूध-दही, पंचामृत और तुलसी-हल्दी मिलाकर मोहम्मद खान का स्नान कराया. इसके बाद मुंडन संस्कार हुआ.

बताया जा रहा है कि बाप-बेटे के रिश्ते को कलंकित करने वाली ये घटना सिर्फ और सिर्फ पैसों के लिए हुई क्योंकि रिटायर्ड DSP पिता के रिटायरमेंट का पैसा आया था।

सोहनलाल की शवयात्रा निकली तो आंसू से भरी आँखें लेकर अंबालाल अपने दोस्त की शवयात्रा के आगे-आगे नाचते हुए चल रहे थे और डीजे पर गाना बज रहा था.