पूर्णकुंभ तब आता है जब बृहस्पति को सूर्य का 1 चक्कर लगाने में 12 साल लगते हैं.
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना की गूंज इतनी तेज थी कि आवाज 200 मीटर दूर तक सुनाई दी.
दीपक ने कहा कि ‘मैं हरियाणा में नौकरी करता हूं और सेक्टर-18 में मेरी मां कल्पवास कर रही हैं. उनकी सेवा के लिए मैं छुट्टी लेकर अपनी पत्नी नेहा के साथ यहां आया था.
माघी पूर्णिमा को प्रातः स्नान आदि के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। फिर पितरों का श्राद्ध कर निशक्तजनों को भोजन, वस्त्र, तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, जूते, फल, अन्न आदि का दान करें।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने कहा, “.हमने प्रयागराज में रहने वाले लोगों के लिए उचित व्यवस्था की है.
ईरान की महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह कह रही हैं कि हम 9 लोगों के समूह से आये हैं, विश्व के कई देशों में गये पर प्रयागराज जैसा अच्छा कहीं नहीं लगा.
महाकुंभ में हिस्सा लेने वाले अघोरी,नागा साधु और संन्यासी हिंदू धर्म की गहराई और विविधता को भी दर्शाते हैं।