इस दिन शाम को नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना शुभ माना गया है। इस पर्व के लिए श्रवण नक्षत्र, प्रदोश व्यापिनी एवं नवमी विद्ध दशमी प्रशस्त होती है।