इस कदम से चयन प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार के गतिरोध या संदेह की गुंजाइश नहीं रहेगी और मेधावी छात्रों को पूर्ण न्याय मिल सकेगा।

जांच के बाद अगर मामला सही पाया जाता है तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में निलम्बन की संस्तुति कर दी गई  है.