हे भोले बाबा जैसे आपने माता पार्वती की इच्छा पूरी की वैसे ही सभी व्रती महिलाओं और कुंवारियों की इच्छा भी पूरी करना.
व्रत करने वाली महिलाएं रात्रिकालीन चार प्रहर की पूजा भी करती हैं और सुबह विसर्जन, दान, पुण्य करने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है.
56- मणियों की फर्श बनाना यानी घर के फर्श के कुछ हिस्से में मोती, रत्नों से जड़ना।
Lord Shri Krishna 108 Names: जन्माष्टमी पर कान्हा के 108 नामों का करें जाप…बनी रहेगी दयानिधि की कृपा
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माता देवकी तो उनको लाला ही कहा करती थीं तो ब्रज की गलियों में लाला ही उनको कहा जाता है और मुरारी नाम से भी लोग बुलाते हैं.
इस बार जन्माष्टमी पर बन रहे दुर्लभ योग से मेष राशि के जातकों को हर क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ने की सम्भावना है.
इसी के साथ ही प्रेमानंद महाराज ने लोगों को संदेश दिया कि यदि वास्तव में जन्माष्टमी को उत्सव की तरह मनाना चाहते हैं, तो वृंदावन आकर मनाएं।
Janmashtami-2025: जन्माष्टमी व्रत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के दौरान…जानें क्या करें और क्या न करें
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इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करने के बाद मन में व्रत का संकल्प लें।
जीवन में भाई-बहन का साथ कभी न छूटे
चाहे जमाना या जग रूठे
इस विधि से ये विशेष रक्षासूत्र बांधने से भाई के साथ ही घर-परिवार को बुरी नजर नहीं लगती और भाई या फिर जो भी ये रक्षासूत्र बांधता है, वह हमेशा स्वस्थ्य रहता है और दीर्घायु होता है.
भद्रा को लेकर आचार्य कमलकांत कुलकर्णी ने कहा कि इस साल 8 अगस्त को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से मध्य रात्रि 1 बजकर 52 मिनट पर भद्रा समाप्त हो रही है.