रणवीर इलाहाबादिया की टिप्पणी से नाराज न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कड़ी आलोचना करते हुए कई सवाल करते हुए कुछ निर्देश भी दिए हैं.
इस धारा में किसी महिला का अपमान करने के लिए किसी शब्द को प्रयोग किया गया हो, इशारा किया गया हो या कुछ काम किया हो तो 3 साल तक की जेल और जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है.
रजा मुराद ने कहा कि ये मजाक नहीं है अश्लीलता है. ऐसे बेहूदा शो आप परिवार के साथ बैठ कर देख नहीं सकते हैं, कहीं ना कहीं इसमें हमारी भी गलती है.