छात्रों ने उनके पाकिस्तान के साथ शिखर वार्ता हो या पाकिस्तान की ऐतिहासिक बस यात्रा को साझा किया.
28 फरवरी को होगा उद्घाटन, पायलट फेज में दो कोर्स कर सकेंगे छात्र, 30 घंटे के कोर्स में छात्रों को इंडस्ट्री के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे.
मुख्य सत्रों के बाद, छात्र/छात्राओं, शोध विद्वानों और संकाय सदस्यों द्वारा लगभग 30 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें हरित अक्षय इलेक्ट्रॉनिक्स में अभिनव समाधानों पर चर्चा को बढ़ावा दिया गया।
सत्र में लगभग 75 छात्रों और 10 संकाय सदस्यों ने भाग लिया और विनीत सक्सेना की प्रेरणादायक यात्रा से प्रेरणा प्राप्त की।
इन्क्युबेशन सेंटर किस तरह नये आइडिया को स्टार्टअप में बदलने में मदद करेगा इसकी भी जानकारी दी जा रही है।
दूसरे चरण की काउंसलिंग नौ से 14 जनवरी तक होगी। नौ से 11 जनवरी तक ऑनलाइन च्वॉइस फिलिंग अल्टरेशन और लॉकिंग होगी।
तीन दिनों में विशेषज्ञों के निर्देशन में छात्र कम्प्यूटर लैंग्वेज एचटीएमएल, सीएसएस, जेएस, बूटस्ट्रेप आदि के बारे में जानेंगे और प्रोजेक्ट भी बनाये।
सीडैक के एम जगदीश बाबू ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डाला।
छात्रों के बीच रंगोली, पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिता करायी जाएगी। जिसके लिए कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय के निर्देशन में जूरी मेंबर्स निर्णायक को नामित किया गया है।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफ आर्किटेक्चर (नासा) के 67वें जोनल सम्मेलन की मेजबानी का विश्वविद्यालय के वास्तुकला और योजना संकाय को मिला अवसर.